Saturday , November 17 2018
Home / क्राइम / एसडीएम मनकापुर के आदेश को डायरी में रखकर कराया जबरन निर्माण

एसडीएम मनकापुर के आदेश को डायरी में रखकर कराया जबरन निर्माण

रिपोर्टर : अरुण त्रिपाठी

खोडा़रे (अरुण त्रिपाठी): प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश की कानून व्यवस्था सुधारने का चाहे कितना भी दम क्यों न भरले पर गोंडा के खोडा़रे थाने का दरोगा, बृजभूषण यादव तथा हल्का सिपाही मुनीम यादव, उनके इन प्रयासों की धज्जियां उड़ाते हुए कानून को पैसों के खातिर बेच रहा है।

जिसका जीता जागता मिशाल है यह  प्रकरण, न्यायालय में विचराधीन जमीन मामले के फैसला, आने के बगैर हल्का दरोगा ने कानून को पैरों तले रौंदते हुए गरीब पक्ष को थाने में बंद कर दूसरे पक्ष का निर्माण करा दिया गरीब रोता रहा, पर पत्थर दिल दरोगा वा हल्का सिपाही तनिक भी ना पसीजा, मामला जिले के खोडा़रे थाने के अंतर्गत अलीपुर गांव का है। जहां के रहने वाले राजेश मौर्या ने रोते हुए बताया कि उसके गांव है की रहने वाले लक्ष्मीप्रसाद, सूर्यमती पत्नी रामसागर, राजू आदि से एक अरसे से जमीन के बंटवारे संबंधी विवाद है।

जो SDM मनकापुर के न्यायालय में बटवारे का मुकदमा विचाराधीन है, व SDM मनकापुर का यथास्थिति बनाए रखने का लिखित आदेश भी है। इन सबके बावजूद दरोगा बृजभूषण यादव व हल्का सिपाही मुनीम यादव ने एसडीएम के आदेश को अंगूठा दिखाते हुए कानून को पैरों तले रगड़कर ,पीड़ित राजेश को थाने लाकर भद्दी- भद्दी गाली देते हुए हवालात में बंद कर दिया। और विपक्षियों से बडी़ रकम लेकर खुद मौके पर खड़े हो कर उनकी नीव बनवा दी।

जबरन लगवाया सुलहनामा

वर्दी को दागदार बनाने वाले दरोगा बृजभूषण तथा सिपाही मुनीम यादव ने देर शाम पीड़िता को धमका कर विपक्षियों के साथ उसका जबरन समझौता करा दिया ।और तो और उसमें वह निर्माण का कहीं जिक्र नहीं किया गया। अलबत्ता यह जरूर लिखा गया कि राजस्व कर्मी जो फैसला करेंगे वह दोनों पक्षों को मान्य होगा। अब सवाल यह है कि बगैर अदालती फैसले के राजस्व कर्मी कैसे आ सकता है। या तो दरोगा ही बताएंगे यह घोर कृत्य है बृजभूषण यादव का।

पुलिस इंस्पेक्टर ने किया गुमराह

थाना प्रभारी बृजेंद्र पटेल से बात करने पर उन्होंने बताया कि मामले के बारे में जानकारी होने पर क्राइम मीटिंग में होने के बावजूद मैंने तीन बार दरोगा बृज भूषण यादव को फोन कर उनसे निर्माण कार्य रुकवाने को कहा ।उधर से दरोगा ने कहा कि साहब निर्माण नहीं हो रहा है। आप बेफिक्र रहें इसके बावजूद हुआ निर्माण दरोगा की धूर्तता का जीता जागता प्रमाण है। सवाल यह है कि थाना थाना प्रभारी का आदेश कोई दरोगा  नही मानेगा सोचनीय है जो कहीं ना कहीं संदेह पैदा कर रहा है।

सीओ मनकापुर के बोल

क्षेत्राधिकारी मनकापुर शंकर प्रसाद से बात करने पर उन्होंने कहा कि एसडीएम के आदेश की कॉपी और  फुटेज भेज दें मैं देख लूंगा। लेकिन अब सब होने के बाद सीओ महोदय क्या देखेंगे यह तो वही जाने।

पीड़ित राजेश मौर्य ने की पुलिस अधीक्षक से जांच की मांग

प्रेस रिपोर्टर को पीड़ित राजेश मौर्या ने बताया कि उक्त प्रकरण को लेकर पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक के पास जाऊंगा ।तथा उक्त प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग करूंगा। जिससे मुझे न्याय मिल सके तथा दोषी दरोगा बृजभूषण यादव तथा हल्का सिपाही मुनीम यादव को दंडित किया जा सके।

 

About KOD MEDIA

Check Also

क्या “मिर्ज़ापुर” में पंकज त्रिपाठी का किरदार जौनपुर के सांसद धनंजय सिंह से प्रेरित है?

एक्सेल एंटरटेनमेंट की आगामी वेब श्रृंखला “मिर्ज़ापुर” दिल दहला देने वाले एक्शन के क्षणों से …

One comment

  1. bc ye sb kya h ?? sale kisi garib ko is trh se stana thik nhi h ..agr tumhe daroga bnaya gya h to public ki seva krne k liye naki mnmoji …agr mere gaon k hote na sale wahi mout k ghat utar deta m us policwale ko fr jo hota dekh lete

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *