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बधाई हो रिव्यूःइंतजार मत किजिए बस बधाई दे आईए

 

मान लिजिए कि आपकी काँलेज खत्म हो गई। और नौकरी लग गई और अपनी गर्लफ्रेंड के साथ आप मजा भी कर रहे हैं।फिर थोड़ी दिन बाद आप शादी करके लाइफ सेटल करने की प्लानिंग भी कर रहे हैं। उधर आपके पापा भी अब रिटायरमेंट होने वाले हैं। आप गर्लफ्रेंड के साथ मजा कर रहे हैं ।अचानक आपको पता चले आपकी मम्मी प्रेगनेंट हैं और आप भाई बनने बाले हैं, तो आपका रिऐक्शन कैसा होगा? कुछ ऐसी ही शानदार कहानी हैं बधाई हो की।

फिल्म की कहानी दिल्ली के कौशिक परिवार की है, जहां घर में पिता (गजराज राव) जो सरकारी नौकरी करते हैं।मां (नीना गुप्ता) के साथ उनका बेटा नकुल कौशिक (आयुष्मान खुराना) रहता हैं। नकुल को रेने (सान्या मल्होत्रा) से प्यार और दोनों का रोमांस परवान चढ़ता रहता है दोनो एक ही जगह काम करते हैं। आस पास के लोगों द्वारा तंज कसने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. मजेदार अंदाज में कहानी आगे बढ़ती है।

फिल्म की कहानी बहुत ही शानदार हैं। और लीक से हटकर हैःजिसकी वजह से इसके ट्रेलर का अपने आप में बहुत बड़ा प्रभाव पड़ा है. जो बातें ट्रेलर में दर्शायी गई हैं, उसी लिहाज से पूरी फिल्म भी आगे बढ़ती हैं। फिल्म को बहुत अच्छे तरीके से ल‍िखा गया हैःइसके ल‍िए सबसे पहली तारीफ शांतनु श्रीवास्तव, अक्षित घिल्डियाल और ज्योति कपूर की होनी चाहिएः

फिल्म में कई पल ऐसे भी आते हैं जब किरदार के दुख में भी आपको हंसी आती है. अक्षत ने स्क्रीनप्ले भी अच्छा लिखा है. कहानी इंटरवल के पहले आपको पूरी तरह बांधे रखती है, इंटरवल के बाद थोड़ी इमोशनल जोन में भी जाती है. अमित शर्मा का डायरेक्शन लाजवाब है और ऐसी कहानी है जिससे मिड‍िल क्लास के लोग जरूर कनेक्ट करेंगे।

आयुष्मान खुराना ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि वो आम इंसान को पर्दे पर द‍िखाने मे महान हैं। नीना गुप्ता ने मम्मी के किरदार मे शानदार लगी। वहीं गजराज राव से यही कहना चाहेंगे कि उन्हें ज्यादा से ज्यादा फिल्में करनी चाहिए.।उन्होंने बहुत ही उम्दा अभिनय किया है. साथ ही सान्या मल्होत्रा का काम भी बढ़िया है. सुरेखा सिकरी और शीबा चड्ढा समेत बाकी कलाकारों का काम सहज है. फिल्म का संगीत भी अच्छा है।तो इंतजार मत किजिए बस बधाई दे आईए

स्टार-5/4

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