Wednesday , April 24 2019
Home / टीवी / ….जाने क्यों नहीं मिल पा रहा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा !!!!!!!!
bihar need special state category ???

….जाने क्यों नहीं मिल पा रहा बिहार को विशेष राज्य का दर्जा !!!!!!!!

नई दिल्ली: आज भारत के कुल 29 राज्यों में से 11 को विशेष राज्य का दर्जा मिला हुआ है, और कम से कम पांच अन्य राज्य विशेष दर्जा दिए जाने की गुहार समय समय पर केंद्र सरकार से कर चुके हैं।

दरअसल, किसी भी राज्य को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने को लेकर कुछ विशेष नियम बनाए गए हैं. इनमें कहा गया है कि…

1. राज्य दुर्गम क्षेत्रों वाला पर्वतीय भूभाग हो, तो यह दर्जा दिया जा सकता है.
2.
किसी राज्य की कोई भी सीमा अगर अंतरराष्ट्रीय सीमा से लगती हो, तो भी उसे विशेष राज्य का दर्जा दिया जा सकता है.
3.
राज्य की प्रति व्यक्ति आय और गैर-कर राजस्व बेहद कम होने पर भी यह दर्जा दिया जा सकेगा.
4.
किसी राज्य में आधारभूत ढांचा नहीं होने या पर्याप्त नहीं होने पर भी विशेष राज्य का दर्जा प्रदान किया जा सकता है.
5.
ऐसे किसी राज्य को भी विशेष राज्य का दर्जा दिया जा सकेगा, जिसमें जनजातीय जनसंख्या की बहुलता हो अथवा जनसंख्या घनत्व बेहद कम हो.

इन सभी के अलावा किसी राज्य का पिछड़ापन, विकट भौगोलिक स्थितियां, अथवा सामजिक समस्याएं भी विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने का आधार बन सकती हैं.

 

Does Bihar need special state category???
Does Bihar need special state category???

 

अब बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग से जुड़ा सबसे अहम तथ्य यही है कि बिहार इनमें से कोई भी शर्त पूरी नहीं करता है. बिहार का कोई हिस्सा किसी अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटा हुआ नहीं है, और राज्य का कोई भी हिस्सा दुर्गम इलाका भी नहीं कहा जा सकता. इसके अलावा जनजातीय आबादी वाला झारखंड पहले ही अलग राज्य बन चुका है, सो, अब बिहार की आबादी में जनजातीय जनसंख्या की बहुलता भी नहीं है. राज्य में पर्याप्त आधारभूत ढांचा भी है, और बिहार के वासियों की प्रति व्यक्ति आय और राज्य का गैर-कर राजस्व भी कम नहीं है, सो, उसे यह दर्जा दिए जाने की राह में अड़चनें ही अड़चनें हैं.

bihar state
bihar state

पर  अब जहां BJP खुद भी सत्ता में है. और इस मांग को  बिहार के मुख्य मंत्री नितिश कुमार ज़ोर-शोर से उठाते भी रहे हैं. इस समय भारत के 11 राज्यों – असम, जम्मू एवं कश्मीर, नागालैंड, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और उत्तराखंड – को विशेष राज्य का दर्जा हासिल है, और पिछले कुछ सालों में बिहार के अलावा आंध्र प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और गोवा ने विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग की है.

आइए, आज आपको बताते हैं – क्या है विशेष राज्य का दर्जा, क्यों राज्य इस दर्जे की मांग करते हैं, विशेष राज्य का दर्जा मिल जाने से किसी राज्य को क्या-क्या फायदा होता है, यह दर्जा किस राज्य को दिया जा सकता है, और सबसे अहम सवाल – बिहार को यह दर्जा क्यों नहीं दिया जा सकता.

UPA के शासनकाल के दौरान केंद्र सरकार ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में जानकारी दी थी कि विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने का मुद्दा सबसे पहले राष्ट्रीय विकास परिषद की अप्रैल, 1969 में आयोजित बैठक के दौरान ‘गाडगिल फॉर्मूला’ के अनुमोदन के वक्त उठा था. सबसे पहले वर्ष 1969 में ही असम, जम्मू एवं कश्मीर और नागालैंड को यह दर्जा दिया गया था. इसके बाद अगली पंचवर्षीय योजना के दौरान यह दर्जा पांच और राज्यों – हिमाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम और त्रिपुरा – को भी दे दिया गया. फिर 1990 में दो और राज्यों – अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम – को यह दर्जा दिया गया, तथा वर्ष 2001 में उत्तराखंड के गठन के साथ ही उसे भी विशेष राज्य का दर्जा दे दिया गया.

About Amit Kumar

Check Also

आर.जे अमित द्विवेदी बने अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष

  एफ.एम रेनबो,107.1 एफ.एम में अपनी आवाज से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करने वाले आर.जे अमित …