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रेलवे स्टेशन के बाहर पी सिगरेट तो भी कटेगा चालान

 अब रेलवे स्टेशन की इमारत के बाहर और परिसर में धुम्रपान करना अब भारी पड़ सकता है। ऐसा करने वालों को 200 रुपए का चालान का प्रावधान किया गया है। अगर पकड़े जाने पर यह रकम भी न चुका सके तो कोर्ट के भी चक्कर काटने पड़ सकते हैं।

यहां बता दें कि रेलवे स्टेशनों के अंदर और प्लेटफॉर्म पर पहले से ही धुम्रपान को प्रतिबंधित किया गया है। दिल्ली पुलिस रेलवे की एसीपी मीरा शर्मा के मुताबिक सभी रेलवे स्टेशन, रेलवे पुलिस थाने, रेलवे स्टेशन के आसपास धूम्रपान न करने की चेतावनी वाले बोर्ड भी लगाए जाएंगे। स्टेशन से संबंधित प्रतिबंधित स्थलों पर बीट कांस्टेबल इसकी निगरानी करेंगे। 

दिल्ली पुलिस रेलवे के डीसीपी दिनेश कुमार गुप्ता के निर्देश पर राजधानी के सभी 43 स्टेशनों पर दिल्ली पुलिस ने रेलवे को सिगरेट सहित अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम 2003 की तकनीकी और तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभावों से संबंधित जानकारी और प्रशिक्षण दिया है। इस कार्यक्रम के दौरान ही पुलिस अधिकारियों ने भी तंबाकू सेवन न करने की शपथ भी ली।

हर 5वां पुरुष धुम्रपान की लत का शिकार
दिल्ली पुलिस को प्रशिक्षण देने वाली एनजीओ के प्रोजेक्ट मैनेजर डॉ. सोमिल रस्तोगी के मुताबिक वर्ष 2016-17 में ग्लोबल एडल्ट टोबैगो सर्वे (गेट्स) द्वारा किए सर्वे में पाया गया है कि देशभर में चबाने वाले तंबाकू का प्रचलन सबसे अधिक है। जबकि दिल्ली के लोग धुम्रपान करने में ज्यादा रुचि ले रहे हैं। अनुमानित आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में तंबाकू उत्पादों का उपयोग करने वालों की तादाद करीब 25 लाख है।

 

सलाना 19 हजार लोगों के लिए काल साबित हो रहा है तंबाकू 
विशेषज्ञों के मुताबिक राजधानी में प्रतिदिन 81 बच्चे तंबाकू सेवन शुरू कर देते हैं। वहीं देशभर में तंबाकू उत्पादों का उपयोग करने वाले  15 से 24 वर्ष तक के 12.4 प्रतिशत युवा हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि देशभर में 12.6 प्रतिशत विद्यार्थी विभिन्न रूपों में तंबाकू उत्पादों के सेवन के आदी हैं। जबकि इनमें से महज पांच प्रतिशत लोग ही तंबाकू की लत को छोड़ पाते हैं।

 

राजधानी में पैसिव स्मोकिंग (परोक्ष रूप से धुम्रपान) से 28 प्रतिशत व्यस्क सार्वजनिक स्थानों पर प्रभावित होते हैं। वहीं प्रतिवर्ष 19 हजार लोग अपनी जान तंबाकू के कारण गंवा देते है। विशेषज्ञ बताते हैं कि सभी तरह के 50 प्रतिशत कैंसर की बीमारी और 90 प्रतिशत मुंह का कैंसर का कारण तंबाकू और इससे बनने वाले उत्पाद के सेवन की वजह से ही होता है।

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