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शिवराज के उपवास के बावजूद जारी है किसानों का हंगामा

भोपाल: मध्य प्रदेश में पिछले दस दिनों से किसान अपनी मांगों को लेकर धरने-प्रदर्शन कर रहे हैं. जबकि पिछले चार दिनों से किसानों के इस आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया है. गोली लगने से पांच किसानों की मौत के बाद प्रदेश में लगातार हिंसा हो रही है. नाराज किसानों का ये प्रदर्शन मंदसौर के अलावा प्रदेश के कई जिलों तक पहुंच गया है. इस आंदोलन को शांत करने के लिए आज मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उपवास करने का फैसला किया है. यहां जानें अबतक की दस बड़ी अपडेट्स.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज शांति के लिए उपवास पर बैठे हैं लेकिन हंगामा अभी जारी है. नरसिंहगढ़ में आज किसानों ने भोपाल जाने वाला नेशनल हाईवे जाम कर दिया. इस दौरान नाराज किसानों ने वाहनों को रोक लिया, जिससे लोगों को कई किलोमीटर तक पैदल सफर करना पड़ा.

दशहरा मैदान पर शिवराज सिंह चौहान ने लोगों को संबोधित किया. इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में हमने किसानों के कल्याण का काम किया है. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ है. किसान के बिना एमपी आगे नहीं बढ़ सकता. शिवराज ने इस दौरान किसानों से अपील भी की. उन्होंने मंच से जोर देते हुए कहा कि ‘शांति के प्रदेश में आग मत लगाओ, आग मत लगाओ”

 

इस दौरान शिवराज सिंह ने किसानों ने आह्वान किया कि बातचीत के जरिए मामले का समाधान किया जा सकता है. सरकार बातचीत के लिए हमेशा तैयार है. हिंसा से किसी मामले का समाधान नहीं हो सकता. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘’बातचीत से दो देशों के मसले हल हो जाते हैं. यह तो मेरे और आपके बीच हल हो जाने वाली समस्या है. आइये, बेहिचक अपनी बात कहिए.’’

किसानों के आंदोलन के दसवें दिन शिवराज सिंह चौहान आज भोपाल के दशहरा ग्राउंड में उपवास पर बैठे गए हैं.  शिवराज के साथ उनकी सरकार के कई मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता भी मौजूद हैं. इस दौरान सीएम शिवराज की पत्नी साधना सिंह भी मंच पर उनके साथ बैठी. हालांकि शिवराज के इस उपवास में बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय मौजूद नहीं थे.

शिवराज के मंच पर मध्य प्रदेश के बड़े नेता दिखे लेकिन कैलाश विजयवर्गीय नजर नहीं आए, सवाल उठा कि कैलाश कहां हैं, एबीपी न्यूज ने जब पता किया तो जानकारी मिली की कैलाश विजयवर्गीय इंदौर में हैं और वहीं किसानों से मिल रहे हैं. उपवास के लिए भोपाल के दशहरा ग्राउंड में वाटरप्रूफ पंडाल रातों रात तैयार कर लिया गया है. 160 फिट लम्बा और 60 फ़ीट चौड़े पंडाल में मंच के सामने लगभग 400 कुर्सियां लगाई गई हैं. इतना ही नहीं मंच के पीछे केबिन बनाए गए हैं जिसमें मुख्यमंत्री किसानों के अलावा अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. साथ में एक केबिन विश्राम के लिए भी बनाया गया है.

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अनशन पर बैठे. लेकिन किसान संगठनों की तरफ से अनशन का जवाब जेल भरो आंदोलन से देने जा रहे हैं. इसको देखते हुए राज्य में रैपिड एक्शन फोर्स की दो कंपनियां भेजी गई हैं.

देश के अलग-अलग हिस्सों में जारी किसान आंदोलन को लेकर अब किसान संगठनों की ओर से एक साझा रणनीति बनाने की तैयारी हो रही है. इसी सिलसिले में 50 किसान संगठनों के प्रतिनिधि आज दिल्ली में बड़ी बैठक करने जा रहे हैं. बैठक में किसान आंदोलन को और तेज करने के लिए आगे की योजना पर विचार किया जाएगा. ऐसे में मोदी सरकार की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं.

किसानों की मांगों को लेकर आज आम आदमी पार्टी भी देशभर में विरोध प्रदर्शन करेगी. शुक्रवार को आप नेताओं ने किसानों से मिलने के लिए मंदसौर जाने की कोशिश की थी, लेकिन पुलिस ने उन्हें पहले ही रोक लिया था. महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश का हाल देखकर केंद्र भी चौकन्ना है. यूपी में तो योगी सरकार ने पहले ही किसानों से बात करने की तैयारी शुरू कर दी है. बीजेपी जानती है आंदोलन आगे बढ़ा तो उसे इसका सीधा नुकसान होगा.

मध्य प्रदेश में दो जून से किसान आंदोलन कर रहे हैं. मध्य प्रदेश के किसानों की मांग है कि उन्हें उनकी फसलों की सही कीमत मिले और कर्जमाफी हो. तीन जून को शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से मिलकर मामला सुलझने का दावा किया था. जिसके बाद एक धड़े ने आंदोलन वापस भी ले लिया था. लेकिन बाकी किसान विरोध प्रदर्शन पर अड़े रहे. प्रदर्शनकारी और सुरक्षाबल आमने-सामने आए. इसके बाद दोनों ओर से पथराव हुआ और फिर गोलियां चली, जिसमें पांच किसानों की मौत हो गई.

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