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Movie Review: मातृ में रवीना का दिखेगा नया अवतार, कहानी पुरानी पर ट्रीटमेंट नया

रवीना टंडन ने लगभग 25 सालों में रोमांटिक, कॉमेडी से लेकर सीरियस और गहन मुद्दों पर आधारित बहुत सारी फिल्में की है। रवीना को फिल्म ‘दमन’ के लिए नेशनल अवार्ड भी मिला है। एक बार फिर से रवीना टंडन एक सीरियस मुद्दे पर आधारित फिल्म ‘मातृ’ से कम बैक की है। तो  आइए जानते है मेरे नजरिया से कैसी है मातृ।

फिल्म की कहानी दिल्ली की है। विद्या चौहान (रवीना टंडन) एक स्कूल टीचर हैं, जो अपनी बेटी टीया चौहान (अलीशा खान) से बहुत प्यार करती है। विद्या और उनके पति रवि (रुषाद राणा) के बीच संबंध नहीं है। दोनों एक ही घर में रहते हैं, पर एक कमरे में नहीं। एक रात टीया के एनुअल फंक्शन के बाद जब विद्या और टीया कार में बैठ घर की तरफ रवाना होते है तो तभी मिनिस्टर गोवर्धन मलिक (शैलेंदर गोयल) का बेटा अपूर्व गोयल (मधुर मित्तल) अपने चार साथियों के साथ इनकी गाड़ी का ओवरटेक करता है और मां-बेटी को किडनैप कर घर ले जाता है।

वहां पांचों लड़के मां-बेटी के साथ गैंगरेप करते हैं और दोनों को पास के ही वीरान इलाके में फेंक आते हैं। पुलिस आती है और विद्या और टीया को हॉस्पिटल ले जाती है। कुछ महीने बाद एक मां अपनी बेटी के लिए किस तरह से एक-एक करके इन पांचों रेप करने वाले लड़कों से बदला लेती है, वही इस फिल्म में दिखाया गया है।

फिल्म की कहानी शानदार है। फिल्म का आखिरी सीन आपको सोचने पर मजबूर कर देता है। फिल्म का डायरेक्शन बढ़िया है और शूटिंग का तरीका लाजवाब है।

फिल्म की कास्टिंग काबिले-तारीफ है। रवीना ने एक मां के किरदार को बेहतरीन तरीका से निभाया है। रवीना की आंखें अपने आप में ही बहुत सारा अभिनय कर जाती है, जिसे डायरेक्टर ने बेहतरीन तरीके से कैमरे में कैद किया है। वहीं स्लमडॉग मिलियनेयर से अपनी एक खास पहचान बनाने वाले मधुर मित्तल ने शानदार काम किया है।

रवीना की दोस्त ऋतु दिव्या जगदाले ने अपने किरदार को अच्छे तरीका से निभाया है। वहीं बाकी सह कलाकारों ने अपने किरदार में ईमानदारी से काम किया है।

फिल्म का संगीत और खास तौर पर बैकग्राउंड स्कोर ठीक है, एक ही गाना है जिसे राहत फतह अली खान ने गाया है। और वो बार-बार अलग-अलग सिचुएशन में आता है। फिल्म के द्वारा एक अहम और गंभीर मुद्दे की तरफ ध्यान आकर्षित किया गया है, जिसकी वजह से जागरुकता भी सामने आती है।

फिल्म की कमजोरी कहानी है जो नई तो नहीं है, बस ट्रीटमेंट नया रखा गया है, जिसकी वजह से आपको पता रहता है कि आखिरकार कहानी को अंजाम क्या मिलेगा। इसको और भी ज्यादा थ्रिलिंग और क्रिस्प बनाया जा सकता था। जिसकी वजह से फिल्म दर्शकों को बांधें रखने में ज्यादा सफल होती।

फिल्म के ट्रेलर को देखकर ही कई सारे दर्शकों ने अपना मन इसे देखने या ना देखने का बना लिया होगा।

अपनी स्टार:2.5

मो. मुज्ज़मिल 

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