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कोलंबिया एशिया अस्पताल में आयोजित होगा फ्री लीवर स्क्रीनिंग कैम्प

गाजियाबाद: देश में तेजी से बढ़ रहे लीवर रोगों की महामारी पर प्रकाश डालने के लिए, कोलंबिया एशिया अस्पताल 29 अक्टूबर को एक फ्री लीवर स्क्रीनिंग कैंप का आयोजन कर रहा है। कैंप में फाइब्रोस्कैन परीक्षण, हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी की स्क्रीनिंग और स्टेट ऑफ द आर्ट लोगों के लिए बिल्कुल मुफ्त होगी।

लीवर स्क्रीनिंग कैंप अस्पताल की ओर से पहल है जो लीवर रोगों के बारे में जागरुकता पैदा करने के लिए है। वर्तमान में डायग्नोस्टिक टेस्ट में लगने वाली उच्च लागतों के कारण भारतीय नियमित स्वास्थ्य जांच और स्क्रीनिंर नहीं कराते हैं।

अध्ययन से पता चलता है कि भारत में हर साल करीब 10 लाख लीवर की बीमारियों के मामले सामने आते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा एक रिपोर्ट पर गौर करें तो लीवर रोग भारत में मौतों का दसवां सबसे आम कारण है, जिसमें हर 5 में से एक व्यक्ति लीवर की बीमारी से पीड़ित है।

कोलंबिया एशिया अस्पताल गाजियाबाद के गैस्ट्रोएन्टरोलॉजिस्ट डॉ. मनीष काक कहते हैं कि लीवर की बीमारी आमतौर पर साइलेंट होती हैं और कई वर्षों तक इसके लक्षण नहीं दिखते हैं।

इस प्रकार  जब तक यह एक अपरिवर्तनीय चरण तक नहीं पहुंच जाती, बहुत से लोगों को पता ही नहीं चलता कि वह बीमारी से पीड़ित हैं। नतीजतन, अधिकांश लीवर बीमारियों का इलाज तब होता है जब लीवर पूरी तरह डेमेज हो चुका होता है और लीवर ट्रांसप्लंट के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं रह जाता। यह भी बेहद महत्वपूर्ण है कि लोग समय पर लीवर रोगों के शुरुआती लक्षणों को पहचानना सीखें ताकि समय पर उपचार प्राप्त किया जा सके और लीवर सिरोसिस या लीवर कैंसर जैसे प्रमुख मेडिकल समस्याओं से बचा जा सके।

डॉ. काक आगे बातते हैं कि इस कैंप के आयोजन से हम संभावित लीवर रोग के लक्षणों के बारे में जागरूकता फैलाना चाहते हैं जैसे कि अचानक वजन घटना, अपच, भूख की कमी, उल्टी के दौरान खून आना आदि और नवीनतम निदान परीक्षण जैसे कि फाइब्रोस्केन का महत्व समझाना चाहते हैं।

फाइब्रोस्केन एक नॉन-इनवेसिव डायग्नोस्टिक पद्धति है जो लीवर/लीवर फाइब्रोसिस के कड़ेपन या कठोरता को मापने के लिए है। यह विधि कंपन नियंत्रित क्षणिक एलिस्टोग्राफी (वीसीटीई) (वाइब्रेशन कंटशेल्ड ट्रांसिएन्ट इलास्टोग्राफी) का उपयोग करती है, विशेष रूप से लीवर की जांच के लिए तैयार की जाती है। मशीन लीवर में ध्वनि तरंगों को भेजती है, जिससे कंपन हो जाता है, जिससे ज़ख्म के स्तर को मापा जाता है। यह एक त्वरित, विश्वसनीय और परीक्षण करने में आसान विधि है और तत्काल परिणाम देता है।

सौ से ज्यादा लीवर रोगों के विभिन्न प्रकार मौजूद हैं, जो जीवन के किसी भी समय पुरुष और महिला दोनों को प्रभावित कर सकते हैं। लीवर सिरोसिस सबसे खतरनाक लीवर स्थितियों में से एक है जो लीवर की स्थायी क्षति या घाव का कारण बन सकता है। लीवर सिरोसिस के कारणों में कई कारक शामिल हैं। लीवर की बीमारियों के दो प्रमुख कारण, असंतुलित आहार और सीडेंटरी लाइफ स्टाइल हैं। फैटी लीवर इन दिनों लोगों के बीच में देखी गई सबसे आम बीमारियों में से एक है और यह मोटापा, उच्च रक्तचाप, कम उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन के स्तर, मधुमेह और चयापचय सिंड्रोम आदि के कारण हो सकता है।

जंक फूड, एल्कोहल, व्यायाम की कमी, आनुवांशिक कारक, मुख्य रूप से फैटी लीवर होने के लिए जिम्मेदार है, जो अंततः लीवर सिरोसिस का कारण भी बनता है। लीवर के कई वायरल संक्रमण जैसे हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी भी लीवर सिरोसिस के कारण होते हैं। यद्यपि लीवर सिरोसिस के लिए कोई निश्चित इलाज नहीं है, लेकिन यदि असके प्रारंभिक लक्षणों का समय पर निदान कर लिया जाए तो निश्चित रूप से इसको नियंत्रित और इलाज किया जा सकता है।

कोलम्बिया एशिया हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड के सम्बंध में

कोलम्बिया एशिया हॉस्पिटल्स प्राइवेट लिमिटेड देश की इकलौती ऐसी कम्पनी है जो हॉस्पिटल सेक्टर में 100 फीसद प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के आधार पर चल रही है।

कोलम्बिया एशिया ग्रुप ऑफ कम्पनीज

कोलम्बिया एशिया ग्रुप का मालिकाना अधिकार 150 से भी अधिक प्राइवेट इक्विटी कम्पनियोँ, फंड मैंएजमेंट ऑर्गनाइजेशन और व्यक्तिगत निवेशकोँ के पास है। मौजूदा समय में भारत में ग्रुप के कुल 11 हॉस्पिटल चल रहे हैं जो अहमदाबाद, बैंगलौर, गुडगांव, कोलकाता, मैसूर, पुणे और पटियाला में हैं। कम्पनी के हॉस्पिटल मलेशिया(12), वियतनाम(3), और इंडोनेशिया(3) में हैं औए चल भी रहे हैं। भारत में इनकी सेवाओँ का प्रबंधन कम्पनी के बैंगलौर स्थित ऑफिस से होता है।

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