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लोगों की खानपान की आदतों से लीवर की बीमारी होने का खतरा बढ़ गया

मुजम्मिल

चंडीगढ़:यह शहर अपनी हरियाली, स्वच्छता और शाही खानपान के लिए दुनियाभर में मशहूर है। हालांकि इसका मुख्य आकर्षण पंजाबी फूड यहां के लोगों के लिए एक मीठा जहर बन गया है। हाल के एक अध्ययन में दावा किया गया है कि हर सेकेंड चंडीगढ़ के नागरिक नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लीवर डिसीज़ (NAFLD) से ग्रसित हो रहे हैं।

डॉ जीएस कालरा, निदेशक कार्डियोलॉजिस्ट, फोर्टिस का कहना है,”गलत खानपान की आदतें और आरामतलब वाली जीवनशैली NAFLD की मुख्य वजह है। जब एक व्यक्ति ढेर सारी कैलोरी खाता है और आराम तलब वाली जीवनशैली जीता है तो अतिरिक्त वसा शरीर में जमा होने लगता है और लीवर सबसे पसंदीदा जगह होने से वसा लीवर में जमा होता है जिससे लीवर फैटी हो जाता है। NAFLD के ज्यादातर मरीजों को नॉन-अल्कोहॉलिक स्टीटोहैपेटाइटिस (NASH) का जोखिम होता है। यह लीवर की प्रगतिशील बीमारी का एक गंभीर रूप है जिससे लीवर सिरोसिस या लीवर कैंसर होने से लीवर खराब हो जाता है। खानपान से जुड़ी इस बीमारी की रोकथाम के लिए यह महत्वपूर्ण है कि लोगों को स्वस्थ खानपान की आदतों के बारे में जागरूक किया जाए और स्वस्थ भारत यात्रा इसी दिशा में एक स्वागतयोग्य पहल है” ।

स्वस्थ भारत यात्रा, ईट राइट मूवमेंट का एक विस्तार है। करीब 750 साइकिल सवार इस यात्रा में हिस्सा ले रहे हैं जो फूड फोर्टिफिकेशन, खाद्य सुरक्षा, नमक, चीनी और तेल के कम सेवन और पोषण के प्रथम 1,000 दिवस का संदेश फैलाने के लिए साइकिल से दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

लोगों की खानपान की आदतों से न केवल उन्हें लीवर की बीमारी होने का खतरा बढ़ गया है, बल्कि दिल की बीमारी होने का भी खतरा पैदा हो गया है जिसमें देर सबेर बढ़ोतरी होती दिख रही है। प्रदूषण, दिल की बीमारी की मुख्य वजहों में से एक बनकर उभरा है और हर पांच मौतों में से एक मौत दिल की बीमारी की वजह से हो रही है। हालांकि इस शहर में जहां प्रदूषण का स्तर काफी कम है, दिल के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी की वजह गलत खानपान की आदतें और आराम तलब वाली जीवनशैली है।

डॉ कालरा ने कहा, “पीजीआई में दिल के मरीजों की संख्या में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। भारत में लोगों को विकसित देशों की तुलना में अपेक्षाकृत 45-55 वर्ष की अल्प आयु में दिल की बीमारी हो जाती है। वहीं विकसित देशों में ज्यादातर 70 वर्ष या इससे अधिक आयु के लोगों में दिल की बीमारी देखी जाती है। हालांकि कामकाजी और निजी जीवन के बीच खराब तालमेल, गलत खानपान और जीवनशैली एवं फल व सब्जियां नहीं खाने की आदत ने भारतीयों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। यही वजह है कि अब हम 30 या कुछ मामलों में 20 वर्ष की आयु के लोगों को ह्रदय रोग से ग्रस्त होता देख रहे हैं।”

व्यक्ति की खानपान की आदतें और उसकी जीवनशैली ही उसका संपूर्ण स्वास्थ्य तय करती है। भारत में बाद के समय में गैर संचारी रोग में बढ़ोतरी देखी गई और ह्रदय रोगों पर पीजीआई के आंकड़ें बताते हैं कि चंडीगढ़ में यह किस तेज गति से बढ़ रहे हैं। स्वस्थ भारत यात्रा 27 दिसंबर, 2018 को चंडीगढ़ पहुंच रही है और यहां के नागरिकों को स्वस्थ खानपान की आदतें डालने और जीवनशैली अपनाने का आह्वान करने का यह एक आदर्श समय है।

समृद्ध खानपान की संस्कृति अक्सर लोगों को इस दुविधा में छोड़ देती है कि वे अच्छा खाना खा रहे हैं। हालांकि लोगों को यह एहसास नहीं होता कि अच्छा खाना हमेशा स्वास्थ्यप्रद नहीं होता। लीवर और ह्रदय रोगों पर आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि चंडीगढ़ के ज्यादातर नागरिक स्वस्थ भोजन नहीं ले रहे हैं। यह आज के समय की जरूरत है कि लोग स्वस्थ खानपान और जीवनशैली से जुड़ी आदतों के बारे में खुद को शिक्षित करें क्योंकि गलत खानपान की आदतें आपकी जान ले सकती हैं।

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