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लागू होने जा रहे सोशल मीडिया के नए नियम, यदि जान लेंगे तो फायदे में रहेंगे आप!

जल्द ही आपके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में बड़ी तब्दीलियां होने जा रही हैं। सरकार सोशल मीडिया के नए रूल लाने की तैयारी में है। इसके लिए इलेक्टॉनिक्स और इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय ने Information Technology Rules, 2018 नाम का ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसके तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को कानून के दायरे में लाया जाएगा। यह नियम 2011 की गाइडलाइन्स की जगह लागू किए जाएंगे। इसके लिए सरकार ने 15 जनवरी तक लोगों की राय मांगी है।

फेक न्यूज पर लगाम लगाने की कोशिश

सरकार की इस नई गाइडलाइन के मुताबिक सोशल मीडिया साइट्स को कड़ी प्रक्रिया से गुजरना होगा जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल फेक न्यूज फैलाने के लिए नहीं किया जा रहा है। ताकि सोशल मीडिया की किसी खबर से आतंकवाद, कट‌्टरता, हिंसा और अपराध काे बढ़ावा न मिले।

क्या कहता है नियम

-नए नियम के मुताबिक लॉ एन्फोर्समेंट एजेंसीज से शिकायत मिलने के 72 घंटे के अंदर कंपनियों को ट्रेस करना होगा कि वह आपत्तिजनक संदेश कहां से तैयार हुआ है।

-24 घंटे कं अंदर उस कंटेंट की एक्सेस डिलीट करनी होगी, यानी ऐसा संदेश जो अपमानजनक हो या राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति खतरा पैदा करे, उसे 24 घंटे के अंदर लोगों की पहुंच से बाहर करना होगा।

-जिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पांच लाख से अधिक यूजर्स हैं, उसे भारत में कंपनीज एक्ट के तहत खुद को रजिस्टर कराना होगा।

-कंपनियों को देश में एक नोडल ऑफिसर भी तैनात करना होगा जो 24*7 कानून निर्माण एजेंसीज से संपर्क में रहेगा और महीने में एक बार यूजर्स को प्राइवेसी पॉलिसीज के बारे में संदेश भेजेगा।

-प्लेटफॉर्म्स को ऐसे टूल्स तैयार करने होंगे जो गैरकानूनी जानकारी या गलत कंटेंट को पहचानकर उसे डिलीट कर सके या उसे लोगों की पहुंच से बाहर कर सके।

वाॅट्सएप और फेसबुक पर लगेगी लगाम

इन नए नियमों से वॉट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को बड़ी क्षति हो सकती है क्योंकि अभी तक इसने संदेशों को ट्रेस करने की सरकार की मांग नहीं मानी। वॉट्सएप end-to-end encryption करता है, जिससे दो यूजर्स के बीच के संदेश कोई तीसरी पार्टी न पढ़ सके। सरकार ने फेसबुक, गूगल, ट्विटर, याहू और इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया, सेल्युलर ऑपरेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया से भी इसे बारे में बातचीत की है।

निजता में दखल मान रहे लोग

सरकार के इस कदम को कई सोशल एक्टीविस्ट लोगों की निजता में दखल का नाम दे रहे हैं। कुछ दिन पहले ही खबर सामने आई थी कि गृह मंत्रालय ने 10 इंटेलीजेंस और सुरक्षा एजेंसियों को सभी कंप्यूटरों, मोबाइल्स और सर्वरों के डाटा पर नजर रखने का आदेश दिया था। ऐसे में नए नियमों को भी निजता के हनन की श्रेणी में रखा जा रहा है।

आईटी मिनिस्टर करेंगे संशोधनों को पारित

इन नियमों को पारित करने के लिए संसद की इजाजत की जरूरत नहीं होगी। इन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री रविशंकर प्रसाद से स्वीकृति मिलने के बाद लागू किया जाएगा।

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