Sunday , February 24 2019
Home / देश / गुजरात में मची नवरात्रि की धूम

गुजरात में मची नवरात्रि की धूम

 

-दीपक दुआ

नवरात्रि के दिन हों तो याद आता है गरबा-रास। और गरबा देखने व करने के लिए
गुजरात से बेहतर कोई जगह नहीं। यही इच्छा हमें खींच ले गई अहमदाबाद जहां के
विशाल जी.एम.डी.सी. ग्राउंड में एक सिरे से दूसरे सिरे तक फैले पंडाल में नवरात्रि उत्सव
की धूम मची हुई थी।

 

तरह-तरह के खाने-पीने के स्टाल, हस्तशिल्प की वस्तुएं, किस्म-
किस्म की प्रदर्शनियां, गुजरात के विभिन्न स्मारकों की प्रतिकृतियां, मौज-मस्ती में डूबे
लोग और सजावट तो इतनी भव्य कि देखने वाला सोचता रह जाए कि क्या देखें और
क्या न देखें। हजारों की भीड़ वहां मौजूद थी लेकिन न कोई धक्का-मुक्की और न ही कोई
अव्यवस्था। देश-विदेश से आए गणमान्य मेहमानों की मौजूदगी में गुजरात के
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने उत्सव का उद्घाटन किया जिसके बाद लगभग दो घंटे तक
विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया।  गुजरात टूरिज़्म की
अधिकारी ख्याति नायक बताती हैं कि यूं तो पूरे गुजरात में इस तरह के हजारों छोटे-बड़े
आयोजन किए जाए जाते हैं लेकिन सरकारी तौर पर आयोजित किए जाने वाले इस
नवरात्रि-उत्सव में भाग लेने के लिए गुजरात पर्यटन की वेबसाइट पर नाम दर्ज कराना
होता है।

इस आयोजन को देखने के दो दिन बाद हम लोग गुजरात के ही वडोदरा शहर में

थे जहां दुनिया का सबसे बड़ा गरबा-आयोजन ‘यूनाइटेड वे ऑफ़ बड़ौदा’ होता है। एक
अतिविशाल मैदान में एक साथ हजारों युवक-युवतियां एक ही भजन की धुन पर जब एक

जैसा गरबा करते हैं तो लगता है जैसे कोई इंसानी समुंदर हिलोरें मार रहा हो। इस गरबा-
आयोजन का नाम गिनीज बुक में भी दर्ज हो चुका है। देश-विदेश से लोग यहां गरबा
देखने और करने आते हैं। खास बात यह है कि देर रात जब सब लोग गरबा-आयोजनों से
अपने घरों को लौटते हैं, जिनमें एक बड़ी तादाद महिलाओं-लड़कियों की भी होती है तो
कहीं से किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आती।

About MD MUZAMMIL

Check Also

आदिवासियों की समस्या को उजागर करती टी-सीरीज की शार्ट फिल्म ” जीना मुश्किल है यार” विश्व फ़िल्मफेस्टिवल में  

   आदिवासियों की समस्या को उजागर करती शार्ट फिल्म ‘ जीना मुश्किल है यार’ का …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *