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EMAAR के खरीदारों ने EMAAR, बैंक, डीटीसीपी, एजीआरएफ आदि के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया

गुड़गांव :सेक्टर -83 गुड़गांव में स्थित 21.90 एकड़ जमीन पर फैले पाम गार्डन पर फ्लैट्स सौंपने में देरी विन्यास उल्लंघन और आलेख में बदलाव के चलते हुआ प्रतिवाद । इस परियोजना की 2010 में शुरू किया गया था। अभी तक केवल 80% कार्य ही पूरा हो पाया है जिसमें मूल लेआउट और बुनियादी ढांचे को बदला गया है ।

इसमें भी मूल लेआउट व बुनियादी ढांचे को बदला गया है। आरोप है कि राजस्व मार्ग को भी मूल लेआउट के भाग के रूप में दिखाया गया था। इस दौरान बायर्स ने सभी फ्लैटों का जल्द कब्जा दिए जाने, बीबीए आधारित लेआउट व इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ फ्लैट्स सौंपने की मांग की। एजीआरएफ, डीटीसीपी, नेशनल हाउसिंग बैंक से शिकायतों पर उचित कार्रवाई करने व कब्जे में देरी की एवज में ब्याज सहित मुआवजा देने की मांग भी की गई। इस दौरान मनीष पटनी, पंकज, भारत भूषण, सुनील आदि सैकड़ों बायर्स मौजूद रहे।

ईएमएआरएआर परियोजना के खरीदारों ने शनिवार को लेज़र वैली सेक्टर 29 में विरोध प्रदर्शन आयोजित और ये माँगे उठाई ।

1. परियोजना के सभी फ्लैटों के लिए कब्जा।
2. बी बी ए आधारित लेआउट और इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ फ्लैट्स सौंपना।
3. एजीआरएफ, डीटीसीपी, नेशनल हाउसिंग बैंक शिकायतों पर उचित कार्यवाही।
4. कब्जे में देरी हेतु ब्याज सहित मुआवजा।

गुस्साये खरीदार और एसोसिएशन के सदस्यों ने लेजर वैली में एकत्रित होकर दो घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया।
खरीदार वरिष्ठ प्रबंधन के साथ बैठक की मांग कर रहे हैं जो किसी भी बातचीत से बच रहे हैं।
उपस्थित खरीदार मनीष पटनी ने कहा “ईएमएआरए ने रेवेन्यू रास्ता और दूसरी जमीन को अपने प्रोजेक्ट का भाग बता कर हमें भ्रमित किया । हमने डीटीसीपी, एजीआरएफ और बैंकों से शिकायत की है और पूछा है कि बैंकों ने इस परियोजना को कैसे अनुमोदित किया ?

“हमने राष्ट्रीय आवास बैंक और अन्य सरकारी एजेंसियों को भी शिकायत दर्ज कर मामले की जांच के लिए कहा है ” :पंकज
खरीदार अब तय कर चुके हैं कि वे 10 दिन तक शिकायत के जवाब की प्रतीक्षा करेंगे और उसके बाद वे
बिल्डर , बैंकों, डीटीसीपी, एजीआरएफ और एनएचबी के खिलाफ कोर्ट में कार्यवाही करेंगे।

हम इस मामले को (रियल एस्टेट रेग्युलेटरी प्राधिकरण) अधिनियम के तहत भी उठाएंगे और बिल्डर को सजा दिलवा कर ही दम लेंगे। : भारत भूषण  कंपनी ने प्रथम चरण में 12 में से चार टावर (3,4,5,7)के कब्जे की पेशकश बुनियादी ढांचे से हटकर की है और देरी का मुआवजा देने से भी इंकार कर रही है। डी टी सी पी ने हमारी शिकायतों की अनदेखी करते हुए बिल्डर को OC जारी किया जो कि नियम के विरुध्द है।

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