Wednesday , June 28 2017
Home / खबरें अभी अभी / FILM REVIEW:’हाफ गर्लफ्रेंड’ के नाम पर युवाओं को इम्प्रेस करने में नाकाम रहे मोहित

FILM REVIEW:’हाफ गर्लफ्रेंड’ के नाम पर युवाओं को इम्प्रेस करने में नाकाम रहे मोहित

हर शुक्रवार को कोई न कोई फिल्म रिलीज होती है।इस शुक्रवार को रिलीज हुई डायरेक्‍टर मोहित सूरी की फिल्‍म ‘हाफ गर्लफ्रेंड’। पहली बार अर्जुन कपूर और श्रद्धा कपूर की जोड़ी एक साथ नजर आ रही है।इस फिल्‍म में अर्जुन और श्रद्धा के अलावा विक्रांत मैसे और सीमा बिस्वास भी नजर आ रहे हैं

फिल्‍म की कहानी पटना का लौंडा माधव झा की है।जो पटना के एक गांव से दिल्ली के सेंट स्टीफन कॉलेज में दाखिला लेने आता है। लेकिन माधव की अंग्रेजी बहुत खराब है,जिसके कारण उसे बहुत परेशानी झेलनी पड़ती है।आखिरकार माधव को हाजिर जवाबी और स्पोर्ट्स कोटे की वजह से उसे कॉलेज में दाखिला मिल जाता है।

इसी दौरान कॉलेज में रिया यानी (श्रद्धा) की मुलाकात माधव से होती है रिया एक अमीर परिवार से की बेटी हैं। माधव और रिया के बीच दोस्ती का कारण बनती है बास्केट बाल। ये दोनो समाज के अलग अलग परिवेश से आते हैं पर फिर भी इनकी दोस्ती हो जाती है, जिसे माधव शादी के अंजाम तक पहुंचाना चाहता है।लेकिन रिया इस रिश्ते में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती।लेकिन जब माधव के पूछता है,आखिर तुम हो कौन मेरी, रिया कहती है की वो उसकी ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ है।

फिल्‍म की कुछ खूबियों और कुछ खामियों की बात करें तो कमियों में सबसे पहले कमजोर है इसकी कहानी में कुछ भी नया नही है।यह फिल्‍म लेखक चेतन भगत के नॉवल ‘हाफ गर्लफ्रेंड’ पर ही आधारित है।इस तरह की कहानी कई फिल्मों में आप पहले देख चुके हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि कहानी भले ही पुरानी हो पर फिल्‍म का स्क्रीन प्ले, उसके मोमेन्टस और निर्देशन फिल्म को प्रभावशाली बना देता है पर यहां ऐसा भी नहीं हो पाया है। फिल्‍म में क्लीशे बहुत हैं यानी बहुत सी परिस्थितियां और घटनाएं ऐसी हैं जिनमें आपको कुछ नया या अलग नजर नहीं आएगा।

फिल्‍म की अच्‍छाइयों की बात करें तो यूं तो ये लव स्टोरी है पर फिल्‍मकार ने सामाजिक जिम्‍मेदारी निभाते हुए बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालए होने चाहिए जैसे मुद्दों पर भी जोर दिया है, जो बहुत अच्छा संदेश है।

अर्जुन कपूर की अगर बात करे तो वो अपने किरदार में अच्छे दिखे हैं। उनके साथ विक्रांत का भी काम सहज है। इस फिल्‍म की एक और खूबी है इसके गाने बहुत शानदार है। स कुछ सीन्स आपके दिलों को छू सकते हैं जैसे ट्रेन का एक सीन जो अर्जुन और श्रद्धा के बीच है या फिर अर्जुन के किरदार का रिया को पागलों की तरह ढूंढना।

फिल्‍म में ज्यादा कुछ नहीं है,जिनकी गर्लफ्रेंड नहीं है वो जरुर देखे। आज के लौंडो को जरुर पसंद आयेगी ‘हाफ गर्लफ्रेंड’  ।

मो मोजम्मिल
रेटिंग:2

About खबर ऑन डिमांड ब्यूरो

Check Also

आखिर कम उम्र में क्यों सफेद हो जाते है बाल?

नई दिल्ली: आज हर कोई अपने सफ़ेद होते बालो की वजह से परेशान है. बढ़ती …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *