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प्यार, नफरत और ताकत की कहानी ‘शब’

फिल्म ‘आई एम’ के लिए नेशनल अवॉर्ड अपने नाम कर चुके प्रसिद्ध निर्देशक ओनिर अपनी नई फिल्म ‘शब’ के साथएक बार फिर दर्शकों के सामने आ रहे हैं।

अपनी इसी रोमांटिक ड्रामा फिल्म का प्रमोशन करने के लिए प्रोड्यूसर संजयसूरी एवं फिल्म की लीड जोड़ी अर्पिता चटर्जी और आशीष बिष्ट के साथ दिल्ली आए थे। इस दौरान सभी काफी उत्साहितनजर आए। बता दें कि ओनिर हटकर विषयों पर फिल्म बनाने के लिए जाने जाते हैं। इस बार भी वह एक अलग विषय पर‘शब’ लेकर आए हैं।

फिल्म के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि ‘शब’ की कहानी रियल इंसिडेंट्स से इंस्पायर्ड है, जो लोगों के साथ होते हैं।एक लड़का एक्टर या राइटर बनना चाहता है और ग्लैमर वल्र्ड में एंट्री पाना चाहता है

यह सपना हर किसी का होता है,लेकिन चकाचैंध भरे शहर में कैसे उसकी जिंदगी बदल जाती है, यही फिल्म में दिखाने का प्रयास किया गया है कहानी मेंएक्टर आशीष बिष्ट मोहन के किरदार में हैं, जो एक छोटे शहर से बड़े शहर अपने सपनों को सच करने निकल पड़ता है,लेकिन उसे नहीं पता होता कि यह शहर ही उसका सपना बदल देगा।

इस फिल्म को ‘शब’ नाम देने के बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि ‘शब’ का मतलब है रात और इस फिल्म की करीब80 फीसदी शूटिंग रात में की गई है। इसका कारण है कि हम सपने रात में देखते हैं और रात में ही हम अपने सपनों कोसच करने के बारे में भी ज्यादा सोचते हैं। अगर ध्यान दिया जाए तो हम अंधेरे में जाते हैं, तो कुछ देर तो अंधेरा रहता है,लेकिन बाद में उस अंधेरे में भी थोड़ी रोशनी नजर आने लगती है। इसलिए रात में फिल्म की शूटिंग की गई है, जिससेकहानी की सार्थकता दिखाई जा सके।

वहीं फिल्म के निर्माता होने के अनुभव के बारे में संजय सूरी ने बताया कि इस फिल्म को लेकर सभी की जर्नी काफीशानदार रही है। उन्होंने कहा उनका योगदान काफी विचार-विमर्श से भरा हुआ है और एक प्रोसेस की तरह है। इसलिएनिर्माता के रूप में उनके योगदान को परिभाषित करना काफी मुश्किल है। फिल्म का टाइटल उन्होंने ही सुझाया, फिल्म केखत्म होने तक काफी सुझाव दिए, लेकिन आखिरी फैसला डायरेक्टर का ही होता है।

फिल्म के मुख्य कलाकार अर्पिता और आशीष काफी उत्साहित नजर आए क्योंकि यह दोनों इसी फिल्म से बॉलीवुड मेंकदम रखने जा रहे हैं। अभी तक काफी ऐड में काम कर चुके मॉडल आशीष बिष्ट ने बताया कि यह उनकी पहली फिल्म हैऔर उनका अनुभव बेहतरीन रहा। उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला। वह अपने असली जिंदगी और पर्दे पर अपने किरदारकी जिंदगी मैं काफी समानताएं मानते हैं। उनकी यह फिल्म सपने और लक्ष्य के बारे में है, उसी तरह से उनकी जिंदगी मेंभी वही सपने और लक्ष्य

 

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