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फिल्म रिव्यू:सारा अली खान को देखना हो तो ‘केदारनाथ’ बुरी नहीं हैं

 

सैफ अली खान और उनकी पहली पत्नी अमृता सिंह की बेटी सारा अली खान की पहली फिल्म कल रिलीज हो रही हैं। हिमालय की वादियों में डायरेक्टर अभिषेक कपूर ने एक लव स्टोरी बनाई हैं। हिंदी सिनेमा में लव स्टोरी के मतलव होते हैं, इजहार, इकरार और जमाने का इंकार।

फ‍िल्‍म में सुशांत मुस्‍लिम युवक मंसूर की भूमिका निभाया, सारा हिंदू लड़की मुक्कू की भूमिका में हैं हैं। सुशांत और सारा दोनों केदारनाथ के आसपास के ही रहते हैं। दोनों को एक दुसरे से प्यार हो जाता हैं। दोनों के इस प्‍यार का पता दोनों के परिवारों को चल जाता है और वो इन दोनों के मिलने पर पाबंदी लगा देते हैं।

डायरेक्टर अभिषेक कपूर ने इसके लिए केदारनाथ में मची तबाही को बहुत शानदार तरीकें से दिखाया, तमाम कंप्यूटर ग्राफिक्स लेकर स्पेशल इफेक्ट्स के जरिए दर्शकों मको बाँधने की कोशिश की है। सब कुछ बहुत शानदार हैं,बस कुछ नहीं किया है तो वह है फिल्म की कहानी पर काम। अच्छा से काम नही किया।

फिल्म की फोटोग्राफी शानदार है। डायरेक्शन भी अभिषेक कपूर का कमाल है। लेकिन जितनी मजबूत कहानी का साथ उन्हें रॉक ऑन या काय पो छे में मिला था कहानी और बेहतर हो सकती थी।

सारा अली खान की एक्टिंग कमाल की हैं, सुशांत राजपूत को देख ऐसा लगता है कि बस सारा अली खान को सपोर्ट करने के लिए ही फिल्म में हैं। उनकी एक्टिंगठी ठीक-ठाक हैं।। सुशांत बढ़िया एक्टर हैं भी, पर इस किरदार में करने के लिए उनके पास ज्यादा कुछ है नहीं। सारा अली खान ही पुरी फिल्म को अपने कंधे पर फिल्म को बचाया।

 

स्टार-5/2.5

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