Monday , December 11 2017
Home / देश / Jolly LLB तो फिल्‍मी है, असल में भारत के 10 सबसे महंगे वकील तो ये हैं

Jolly LLB तो फिल्‍मी है, असल में भारत के 10 सबसे महंगे वकील तो ये हैं

नई दिल्ली। हम बचपन से ये सुनते आए है की कभी कोर्ट-कचहरी के चक्कर ना लगाना पड़े क्योंकि भारत का कानून काफ़ी स्लो हैं, ऐसा मैं नहीं कह रहा हूँ बल्कि केस का रिजल्ट खुद-ब-खुद बता देती हैं। अब जब कानून और वकील से जुड़ी फिल्म शुक्रवार को रिलीज़ हुई तो सभी को ये बता जरुरी हैं की भारत का कानून और वकील क्या और कैसे हैं।

वकील एक ऐसा इंसान जो आपकों आपके मुकदमें में सहायता करता हैं पर क्या ये अपनी फ़ीस कितना रखते हैं इसका शायद ही किसी आम इंसान को मालूम होगा, तभी तो हर कोई बोलता हैं कानून सिर्फ अमीरों के लिए ही हैं जो अपने हिसाब से अपने पक्ष में करते हैं बड़े और नामी वकील को रख कर।

 पेश है देश के बड़े और नामी वकीलों की लिस्ट और क्यों हैं ये इतने ख़ास की हर कोई इन्हें ही पसंद करता हैं अपने केस के लिए…

1.राम जेठमलानी (फीस 25 लाख रुपये) देश के जाने माने बड़े वकीलों में से एक नाम जेठमलानी का भी नाम आता है जेठमलानी प्रति हियरिंग फीस 25 लाख रुपये है। यानी जेठमलानी एक बार कोर्ट मे आने का 25 लाख रुपये लेते हैं। जेठमलानी ने बहुत बड़े केस लड़ चुके है जिसमें इंदिरा और राजीव गांधी के हत्‍यारों की पैरवी से लेकर आसाराम की जमानत तक शामिल हैं।

2.फली नरीमन की फीस 15 लाख है,यानी फली नरीमन एक बार कोर्ट मे खड़ा होने का 15 लाख चार्ज करते हैैं।

3.के.के. वेणुगोपाल (फीस 15 लाख रुपये)लोढ़ा कमेटी के सिफारिशों को लागू करने के मामले में बीसीसीआई की पैरवी। इसके अलावा आधार को बाध्‍यकारी करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में वकील रहे। इनकी एक बार कोर्ट मे आने की फीस 15 लाख रुपये।

4.गोपाल सुब्रमण् (फीस 5-16 लाख रुपये) संसद पर आतंकी हमले का केस हो या जेसिका लाल मर्डर केस, गोपाल सुब्रमण्;यम काफी लोकप्रिय वकील हैं। जिन्हे आज सब जानता है इनकी फीस 5 से 16 लाखु रुपये है।

5.हरीश साल्‍वे (फीस 6-15 लाख रुपये)सलमान खान को हिट एंड रन केस में बचाने मे हरीश साल्‍वे सबसे बड़ा हाथ है और हरीश साल्वे बहुत मशहूर वकील भी है। साल्‍वे की प्रति हियरिंग फीस 6-15 लाख रुपये है।

About Web Team

Check Also

Prime minister narendra modi, Legislature, judiciary, fulfill people’s wishes, Constitution, PM Modi stand on judiciary

लोकतंत्र के सभी स्तंभ पूरी करें लोगों की जरूरतें, पर ‘हद’ में रहे: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी