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हैप्पीनेस के मामले में काफी पीछे हैं भारतीय

अक्‍सर आपने अपने आसपास हैप्पीनेस की बातें करते हुए लोगों को देखा होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं असल में इंडिया ऐसा देश है जहां के लोग दुनिया में सबसे दुखी हैं. ये हम नहीं कह रहे बल्कि एक रिसर्च में ये बात सामने आई है.क्योंकि अधिकतर आपने सुना होगा कि बाहर के लोग अपने कम घर को लेकर इतनी चिंता नहीं करते जितनी की भारतीय करते हैं.

पिछले साल 118 था भारत का नंबर- पिछले साल इस रिपोर्ट में भारत 118वें नंबर पर था. इस लिस्ट में पाकिस्तान 80वें नंबर पर, भूटान 97,  नेपाल 99वें पर बांग्लादेश 110वें पर और श्रीलंका 120वें नंबर पर हैं. इस लिस्ट में मालदीप को जगह ही नहीं मिल पाई. नार्वे के लोग दुनिया के सबसे खुशहाल लोगों में से एक हैं. नार्वे इस लिस्ट में नंबर वन पर है. जबकि पिछले साल डेनमार्क पहले नंबर था.

रिपोर्ट में शामिल किए गए ये कारक- द एनुअल वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में 155 देशों को शामिल किया गया. रिपोर्ट में लाइफ में डिसीजन लेने की आजादी, डिसिप्लीन, मिलनसार व्यवहार, ईमानदारी, हेल्थ और आय के स्तर को आधार बनाया गया था. इसके अलावा भेदभाव, लाइफ इक्स्पेक्टन्सी, प्रति व्यक्ति जीडीपी, करप्शन फ्री गवर्मन्ट एंड बिजनेस और सोशल सपोर्ट जैसे कारकों को शामिल किया गया.

टॉप 5 देश- वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2017 के मुताबिक, नार्वे, डेनमार्क, आइसलैंड, स्विटजरलैंड और फिनलैंड शीर्ष पांच देशों में शामिल हैं.

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