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इन वजहों से झड़ते हैं आपके बाल

आजकल की लाइफस्टाइल में हर कोई बाल झड़ने की समस्या के ग्रसित है पर क्या कभी ये जानने की कोशिश किसी ने किया है की आखिर क्या कारण है की हमारें सर के बाल झड़ते है?

बाल झड़ने की कई वजह है तथा इनके गिरने के प्रकार भी कई तरह के होते हैं, जिन्हें एलोपेसिया कहा जाता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ पुरूषों और महिलाओं दोनों में ही बालों की सघनता और मोटाई कम होती जाती है, बालों का इस प्रकार से पतला होना एक नेचुरल प्रक्रिया है जिसे इन्वॉजल्यूशनल एलोपेसिया कहा जाता है। ऐसा तब होता है जब सामान्य से अधिक मात्रा में बालों के रोमकूप रेस्टिंग फेज में होते हैं और बालों ग्रोथ फेज कम होता है।

एंड्रोजेनिक एलोपेसिया

बालों के वक़्त से पहले गिरने की आनुवंशिक समस्या को एंड्रोजेनिक एलोपेसिया कहा जाता है, जिसे आमतौर पर पैटर्न बाल्डमनेस के रूप में भी जाना जाता है। पुरूषों और महिलाओं दोनों में ही बाल गिरने की ये एक सामान्य‍ प्रक्रिया है। पर गंजेपन की शुरूआत होने का वक़्त और प्रतिरूप लिंग के मुताबिक बदल जाते हैं। इस समस्या से परेशान पुरूषों में बाल गिरने की प्रक्रिया किशोर अवस्था से ही शुरू हो सकती है, जबकि महिलाओं में इस प्रकार की समस्या 30 वर्षो के बाद शुरू होती है। पुरूषों में इस समस्या को साधारणतया मेल पैटर्न बाल्डानेस के नाम से जाना जाता है, जिसमें हेयरलाइन पीछे की ओर हटती जाती है और सामने के बाल कम होते जाते है।

महिलाओं में एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया को फीमेल पैटर्न बाल्ड नेस के नाम से भी जाना जाता है। इस समस्या से पीड़ित महिलाओं में पूरे सिर के बाल कम हो जाते हैं परंतु हेयरलाइन पीछे नहीं हटती। महिलाओं में एंड्रोजेनिक एलोपेसिया की वजह से शायद ही कभी पूरी तरह गंजेपन की समस्या उत्पन्न होती है।

स्पांट बाल्डनेस

स्पांट बाल्डनेस बच्चों और बड़ो को अचानक प्रभावित करती है और इसे एक ऑटोइम्यून डिजा़र्डर कहा जाता है, जिसमें शरीर ही अपने बालों के रोमकूपों को समाप्त करता है। ऐसे 90 फीसदी मामलों में, बाल कुछ सालों बाद फिर से उग आते हैं।

स्केवरिंग एलोपेसिया

यह एक अन्य प्रकार का “साईकाट्रिसियल एलोपेसिया” या स्केवरिंग एलोपेसिया है जो जलन उत्प‍न्न करता है। यह जलन बालों के रोमकूपों को दागदार स्केसर टिश्यू्ज में बदल देती है और बालों को स्थायी चोट, नुकसान देती है।

टेलोजेन एफल्युजवियम

टेलोजेन एफल्युजवियम में बाल पतले होकर झड़ने लगते हैं, ऐसा फिजियोलॉजिक तनाव या हार्मोनल बदलावों की वजह से होता है जो एक साथ टेलोजेन प्रवेश कराकर आपके बालों को ज्यादा नुकसान पहुंचाते हैं। इस प्रकार के गंजेपन के लिए डिलीवरी के बाद के पीरियड में होने वाले हार्मोनल को प्रमुख वजह माना गया हैं। इस प्रकार यह गंजापन महिलाओं में होने की अधिक संभावनाएं होती हैं।

ट्राईकोटिलोमेनिया

ट्राईकोटिलोमेनिया एक इम्परल्सर कंट्रोल विकार है जिसमें व्यक्ति में अपने बालों को खुद से ही उखाड़ने लगता है। इस प्रकार की समस्या आमतौर से बच्चों में देखी जा सकती है इस प्रकार की समस्या का उपचार किया जा सकता है।

पुरूषों में बालों का गिरना

पुरूषों में एक निश्चित वक़्त पर गंजेपन में 95 फीसदी से अधिक योगदान पुरूषों में एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया की वजह से होता है, जिसे मेल पैटर्न बाल्डनेस के नाम से भी जाना जा सकता है और जो की आनुवंशिक होता है। बाल गिरने के अन्य वजहों में गंभीर बीमारियां, दवाओं के साइड-इफेक्ट, तनाव तथा अन्य वजह शामिल होते हैं।

मेल पैटर्न बाल्डनेस की वजह से

मेल पैटर्न बाल्डनेस में टेस्टोस्टेरोन नामक हार्मोन जो कि पुरूषों में ज्यादा मात्रा में मौजूद होता है और ये पुरूषों के प्रजनन अंगों की बढ़ोत्तरी और विकास के लिए उत्तरदायी होता है, यह 5-अल्फा रिडक्टेज नामक एक एंजाईम द्वारा डाईहाईड्रोटेस्टोरस्टेरोन में चेंज हो जाता है। डीएचटी, जो कि टेस्टोटस्टेरोन का ही एक उपज है यह बालों के रोमकूपों को संकुचित करते हुए उन पर उल्टा पप्रभाव डालता है और बालों की वृद्धि पर असर डालता है। टेस्टोस्टेरोन का डाईहाईड्रोटेस्टोस्टेरोन में बदलना एक साधारण प्रक्रिया है क्योंकि टेस्टोस्टेरोन को पूरी तरह प्रभावशाली बनाने के लिए शरीर को डीएचटी की आवश्यकता होती है। पर कुछ खास कारणों से जब यह अधिक मात्रा में बनने लगता है तब बाल झड़ने लगते हैं।

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