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2000 के नोट की विदाई जल्द? नासिक प्रेस को RBI से नहीं मिल रहा प्रिंट का ऑर्डर

नोटबंदी के कुछ समय बाद से ही ये आशंका लोगों को रह रह कर सताती रही है कि 2000 रुपये का नोट जल्दी ही सर्कुलेशन से बाहर हो जाएगा. 2000 के नोट को वापस लेने की ये आशंका कहां से शुरू हुई, ये तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन सरकार की ओर से कई मौकों पर ऐसी किसी भी संभावना को खारिज किया जा चुका है.

बता दें कि 10 अगस्त 2018 को ही सरकार की ओर से साफ किया गया कि 2000 रुपये के नोट को वापस लेने का कोई प्रस्ताव नहीं है. लोकसभा में पूछा गया था कि क्या सरकार जल्दी ही 2000 के नोट को वापस लेने पर विचार कर रही है. इस सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पी राधाकृष्णन ने कहा,‘ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है.’

2000 रुपये के नोट को वापस लेने की खुसपुसाहट को भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से 28 नवंबर 2018 को जारी किए आंकड़ों से हवा मिली. इन आंकड़ों के मुताबिक सर्कुलेशन में जो करेंसी है उसमें 9 नवंबर और 23 नवंबर के बीच 11,600 करोड़ रुपये की कमी आई. विशेषज्ञों के मुताबिक करेंसी मे कमी का ये ट्रेंड 2000 रुपये के नोटों को वापस लेने की वजह से आया है.

असल तस्वीर जानने के लिए इंडिया टुडे ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत भारतीय रिजर्व बैंक में याचिका दाखिल की. इस याचिका में प्रिंट किए जा रहे 2000 के नए नोटों के आंकड़े की जानकारी मांगी गई.

RBI ने इस याचिका को करेंसी नोट प्रेस को भेज दिया गया. प्रेस से जो जवाब मिला वो इस प्रकार है- “उपलब्ध रिकॉर्ड्स के मुताबिक, RBI ने करेंसी नोट प्रेस, नासिक को 2000 रुपए मूल्य के नए नोटों को छापने का कोई ऑर्डर नहीं दिया, इसलिए वे प्रिंट नहीं किए गए.”

500 रुपये के नोटों को लेकर मांगी गई जानकारी पर करेंसी नोट प्रेस ने जवाब दिया-‘500 रुपये मूल्य के 3565.500 मिलियन नए नोट भारतीय रिजर्व बैंक को 14 सितंबर 2018 तक डिस्पैच किए गए.’इसमें ये भी कहा गया कि 500 रुपये के नए नोट की प्रिंटिंग लागत 2 रुपये 81 पैसे प्रति नोट है.

RBI के नए आंकड़े बताते हैं कि हालिया तिमाहियों में पहली बार जारी किए जाने वाले नोटों की संख्या 9 नवंबर से 23 नवंबर के बीच, 19,966,43 करोड़ से घट कर 19,897,00 करोड़ पर आ गई है.

केयर रेटिंग्स के चीफ इकोनॉमिस्ट मदन सबनाविस ने न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया, सिर्फ यही कारण समझा जा सकता है कि 2,000 के नोटों को धीरे धीरे वापस लिया जा रहा है और छोटे मूल्य के करेंसी नोटों को प्रिंट किया जा रहा है. अन्यथा सर्कुलेशन में जो करेंसी है उसमें इस तरह कमी नहीं आती.’

हमारी आरटीआई याचिका का जो जवाब करेंसी नोट प्रेस से मिला, ऐसा लगता है कि वो जवाब RBI के ताजा आंकड़ों से मेल खाता है. इसका यही अर्थ निकलता है सरकार धीरे धीरे 2000 के नोटों को चरणबद्ध ढंग से सर्कुलेशन से पूरी तरह बाहर कर सकती है.

साभार: आजतक 

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