Sunday , November 19 2017
Home / देश / उरी आतंकी हमला: आतंकियों के मददगारों को छोड़ेगा NIA, नहीं मिला सबूत
DEMO PIC

उरी आतंकी हमला: आतंकियों के मददगारों को छोड़ेगा NIA, नहीं मिला सबूत

नई दिल्ली। राष्ट्रीय जांच एजेंसी दो पाकिस्तानी युवकों को छोड़ेगा, इन दोनों युवकों पर उरी हमले के दौरान आतंकियों की मदद करने का आरोप था लेकिन इनके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत हासिल नहीं हुई। एनआईए अब क्लोजर रिपोर्ट फाइल करने जा रही है।

एक ख़बर के मुताबिक, 18 सितंबर 2016 को जम्मू-कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले के दौरान इन दोनों युवकों पर आतंकियों की गाइड के रूप में मदद करने आरोप था। इसके बाद एनआईए ने जब मामले की जांच शुरू की तो सेना को दिए दोनों युवकों के बयान के अलावा कोई और पुख्ता सबूत नहीं मिले। इसके बाद एनआईए ने दोनों युवकों को छोड़ने का फैसला लिया है। आपको बता दें कि पिछले महीने गलती से सीमार पार चले गए भारतीय जवान चंदू चव्हाण को पाकिस्तान के छोड़े जाने के बाद वापसी हुई है।

जम्मू-कश्मीर के उरी में हुए आतंकी हमले में 19 भारतीय जवान शहीद हुए थे। इसके बाद 21 सितंबर को इन दोनों युवकों अवान और खुर्शीद को गिरफ्तार किया गया। हालांकि, इन दोनों युवकों को रिहा करने के बाद उरी हमले की जांच एनआईए जारी रखेगी।

ख़बर के मुताबिक, गृहमंत्रालय के सूत्रों ने बताया है कि एनआईए ने गुरुवार को दोनों युवकों के खिलाफ कोर्ट को एक क्लोजर रिपोर्ट सौंपी है। क्लोजर रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों युवकों के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। रिहा होने के बाद दोनों युवकों को पीओके में उनके परिवार से मिलने के लिए छोड़ दिया जाएगा। इसकी सूचना औपचारिक रूप से सेना को भी दे गई है।

सेना को दिए दोनों युवकों अवान और खुर्शीद ने बताया था कि वह जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर के आदेश पर उरी हमले के आतंकियों की भारत में घुसने में मदद की थी। सेना को दिए बयान में अवान ने अपनी उम्र 20 साल बताई थी। उसने कहा था कि वह गुल अकबर का बेटा है। खुर्शीद ने अपनी उम्र 19 साल बताई थी और अपने पिता का नाम चौधरी खर्शीद बताया था। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि ये दोनों लड़के अभी बालिग नहीं है। इनमें से एक 10वीं का छात्र है।

About khabar On Demand Team

Check Also

‘मुज़फ्फरनगर-दी बर्निंग लव’ की टीम फ़िल्म के प्रोमोशन के लिए दिल्ली आई