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जानिए कैसा रहा 1,000 से 10,000 तक निफ्टी का सफर!

मुंबई।नैशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी सूचकांक ने मंगलवार को 10,000 की एक नई ऊंचाई को छू लिया। इसी निफ्टी ने 1996 में 1,000 से शुरुआत की थी। 1,000 से 10,000 के बीच कैसा रहा निफ्टी का 21 साल का यह सफर, देखते हैं…

1,000: 21 अप्रैल, 1996 को लॉन्च हुए निफ्टी सूचकांक की बेस वैल्यू थी 1,000।

2,000: 8 साल बाद, 2 दिसंबर 2004 में निफ्टी ने 2,000 का आंकड़ा छुआ। इसी के साथ निवेशकों की राशि को भी दोगुना करके दिया।

3,000: 2,000 से 3,000 पहुंचने में निफ्टी को एक साल से ज्यादा लग गया। 30 जनवरी, 2006 को निफ्टी ने 3,000 का आंकड़ा छुआ।

5,000: 4,000 से 5,000 पहुंचने में भी निफ्टी को सिर्फ 10 महीने का समय लगा। 27 सितंबर, 2007 को निफ्टी 5,000 के आंकड़े को छू चुका था।

6,000: साल 2007 निफ्टी के लिए एक और ऊंचाई लेकर आया था। 11 दिसंबर, 2007 को निफ्टी 6000 तक भी पहुंच गया। 3 महीने में 1,000 अंकों की बढ़त के साथ निफ्टी ने गजब का उछाल देखा।

7,000: 2007 के बाद निफ्टी की रफ्तार धीमी पड़ गई और अगले 1,000 अंकों के लिए उसे 7 साल तक इंतजार करना पड़ा। 12 मई, 2014 को निफ्टी ने 7,000 का आंकड़ा छुआ। उस साल लोकसभा चुनावों में बीजेपी के जीतने की संभावनाओं के चलते निफ्टी में यह उछाल देखने को मिला था।

8,000: 2014 के चुनावों में बीजेपी की जीत के बाद नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने से बाजार को यकीन था कि वह इकनॉमिक रिफॉर्म्स को बढ़ावा देंगे। इसका असर 1 सितंबर, 2014 को देखने को मिला जब निफ्टी 8,000 के आंकड़े पर पहुंचा।

9,000: एक बार फिर अगले 1,000 अंकों को पाने में निफ्टी को 3 साल लगे। इसी साल 14 मार्च, 2017 को विदेशी निवेशकों के द्वारा भारी खरीदी के बाद 9,000 के आंकड़े पर पहुंच गया।

10,000: सरकार के इकनॉमिक रिफॉर्म्स, जीएसटी, कॉर्पोरेट घरानों को मिलते मुनाफे के बीच मंगलवार को निफ्टी 10,000 पर पहुंच गया। रिजर्व बैंक द्वारा इंटरेस्ट रेट को कट किए जाने की संभावनाओं, फॉरन एक्सचेंज रिजर्व और अच्छा मॉनसून भी इस उछाल की बड़ी वजह रहे।

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