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सुलतानपुर: ‘बीमार’ दोस्तपुर सामुदायिक केंद्र बना अंवारा कुत्तों का अड्डा, डॉक्टर रहते हैं ‘गायब’!

रिपोर्टर: सुजीत विजयपाल पांडे

सुलतानपुर/दोस्तपुर (सुजीत विजयपाल पांडे): एक बार फिर से सरकारी अस्पताल की बदहाली सामने आई है। यूपी के सुलतानपुर जनपद में सरकारी अस्पतालों में आपको कुत्ते सोते हुए मिलेंगे। ताजा मामला दोस्तपुर सामुदायिक केंद्र का है हां ईलाज के आभाव में मरीज तड़प रहे हैं और अस्पताल में डॉक्टरों की सीटें खाली हैं। इतना ही नहीं अस्पताल में अंवारा कुत्तों ने अपना डेरा जमा रखा है।

ये तस्वीरें हैं दोस्तपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कीय़ वैसे तो बोर्ड पर आपको 24 घंटे आपातकालीन सेवा की बात कही जा रही है लेकिन माजरा बिलकुल उलट है। यहां मरीज तो हैं लेकिन डॉक्टर्स गायब रहते हैं। यहां की साफ-सफाई औऱ रख-रखाव भी राम भरोसे ही है। आलम यह हो गया है कि अस्पताल अब अंवारा कुत्तों का अड्डा बनता जा रहा है।

तस्वीरों में देखने से साफ पता चल रहा है कि न तो अस्पताल में डॉक्टर मौजूद हैं और न ही कोई कर्मचारी जो रोगियों की देखभाल करे। बांसगांव के रहने वाले बृजेश कुमार बर्मा अपने परिजन मोहनी कुमारी को लेकर अस्पताल आते हैं। काफी देर मिन्नतें करने के बाद उन्हें एक ग्लूकोस का बोतल चढ़ाया गया। बृजेश ने बताया कि ग्लुकोज चढ़ाने के लिए भी यहां डॉक्टर्स नहीं उपलब्ध रहते।

साफ-सफाई की बातें तस्वीरें खुद ही बयां कर रही हैं। आप इन तस्वीरों को देखकर अंदाजा लगा सकते हैं कि किस तरह से इस अस्पताल का रख-रखाव किया जा रहा है और किस तरह से यहां मरीजों की देखभाल की जाती होगी। बाकी तो अंवारा कुत्तों ने अस्पताल को अपना अड्डा बना ही रखा है।

 

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