Monday , June 25 2018
Home / धर्म-कर्म / प्रकृति से सीखो नियमों का पालन करना

प्रकृति से सीखो नियमों का पालन करना

कुछ सीखने के लिये मनुष्य को प्रकृति की ओर देखकर विचार करना चाहिए। प्रकृति से बडा शिक्षक आपको नहीं मिलेगा। जमीन को देखो, चांद को, सूर्य को, तारों को देखो। ये सब नियमों के अनुसार चल रहे हैं और जब से सृष्टि की रचना हुई, तब से ऐसे ही चल रहे हैं। कभी एक क्षण के लिये भी उनकी गति में कोई परिवर्तन नहीं आया। उनका मार्ग नहीं बदला। थोडे से क्षणों के लिये भी उनमें से कोई मार्ग बदल दे तो महाविनाश हो जायेगा, परन्तु वे ऐसा करते नहीं, कभी आपस में झगडते नहीं। जो नियम उनके लिये निश्चित कर दिये गये हैं, उनमें बंधकर निरंतर चले आ रहे हैं। बेजान प्रकृति यदि नियम के अनुसार चल सकती है, पशु-पक्षी नियमों के अनुसार चल सकते हैं, तो फिर मनुष्य क्यों नहीं चल सकता है, परन्तु चलता नहीं। सब नियमों को तोडने का ठेका इसी ने ले लिया है। नियम को न मानना इसकी फितरत है, इसी कारण दुख झेल रहा है। आश्चर्य तो यह है कि वह जानता तो सब कुछ है, पर मानता नहीं। यही उसकी त्रासदी है। पता नहीं उसे सद्बुद्धि कब आयेगी।

About आयुष गुप्ता

Check Also

तपती धूप में शर्बत वितरण कर जनसेवा कर रही है कुशभवनपुर उत्थान सेवा समिति

सुलतानपुर/जयसिंहपुर (भास्कर पांडे): चिलचिलाती धूम में और आप सफर में हो! और आपको ठंडा शर्बत …