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Sarita hooda Pari Beauty Point
Sarita hooda giving Certificate on successful completion of Beauty Training course

महिला दिवस पर कुछ खास ‘उम्र सिर्फ एक नंबर मात्र’

गुरुग्राम: महिला दिवस पर आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसी महिला के बारे में जिन्होंने उम्र को बाधा ना मानते हुए खुद को एक bussiness woman के रूप में दुनिया के सामने खड़ा किया । इनसे मिलना हुआ तो काफी कुछ जानने को मिला । पता लगा की उम्र सिर्फ एक नंबर मात्र है जज्बा होना चाहिए इंसान में ….

Pari beauty Point की owner Sarita Hooda की कहानी उन्हीं की जुबानी

“जब से होश संभाला एक ही उद्देश्य था जीवन का अध्यापन करना। समय के साथ पढ़ती भी रही और परीक्षाएं देती रही। उम्र के साथ जो कभी एक जज्बा था वो बोझ महसूस होने लगा। एक दिन यूँ ही मन में आया की क्यों ना अपना कुछ काम किया जाए अब समस्या ये थी की कौनसा  काम किया जाए। दो चीजें दिमाग में आई बुटीक और ब्यूटिशियन। अब दोनों ही क्षेत्र का थोड़ा बहुत ज्ञान और अनुभव भी था मुझे। किन्तु मैंने ब्यूटिशियन बनने का सपना ठाना। उम्र रही होगी करीब 35 साल। सीखने के लिए पॉलीटेक्निक जॉइन किया। हंसने वाली बात ये थी की मैं वहाँ सबसे बड़ी उम्र की थी अपनी अध्यापिका से भी बड़ी उम्र की। किन्तु अपनी बढ़ती उम्र को मैंने अपने सपने की राह में रोड़ा नही बनने दिया। एक साथ 3 कोर्सेज में दाखिला लिया और बन गयी ब्यूटिशियन। प्रशिक्षण ट्रेनिंग सेंटर से लेती रही और घर पर एक कमरे में parlour खोलकर अभ्यास भी जारी रहा। जज्बा था, डेडिकेशन थी और नाम कमाने का जुनून, प्रतिफल parlour चल निकला। 3 साल घर में चलाने के बाद मार्किट में शॉप ली। मेहनत और लगन से आज हमारे parlour की अच्छे salons में गिनती है। जो एक बार हमारे यहाँ फेशियल करवा लेता है उसे कहीं और की सर्विस पसन्द भी नही आती। makeup के क्षेत्र में भी सैलून बहुत नाम कमा रहा है। हमारा सैलून सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है। सैलून में गरीब लड़कियों को फ्री ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें प्रशिक्षण प्रमाण पत्र (Training Certificate) भी दिया जाता है। हमारे यहाँ से अब तक 15 लड़किया आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।”

ये था सरिता हुड्डा जी का बेरोजगारी व मानसिक तनाव की दुनिया से निकल कर मेकअप आर्टिस्ट बनने तक का सफर। उन्होंने बताया की इस सफर को सफल बनाने में उनके पति का साथ, उनकी मां का दिया जज़्बा और उनके मुँह बोले भाई राम की दी हुई तकनीशियन शिक्षा का साथ रहा।

उनसे बात करने पर ना केवल मेरे होंसले बुलंद हुए बल्कि और लड़कियों को भी प्रेरणा मिले इस लिए इसे खबर बनाने से खुद को नहीं रोक पाया।

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