Friday , October 20 2017
Home / देश / यहां आना है तो करवा लो बीमा, यहां से शुरू होती है राजा भैया की सीमा….
kodmedia24@gmail.com

यहां आना है तो करवा लो बीमा, यहां से शुरू होती है राजा भैया की सीमा….

प्रतापगढ़ :  उत्तर प्रदेश के संगम नगरी से तकरीबन 90 किलोमीटर की दूरी पर प्रतापगढ़ ज़िला, जो देश के सबसे पिछड़े इलाक़ों में से एक है. जब इस जिले का व्यक्ति किसी दूसरे शहर या राज्य जाता है तो उससे एक सवाल जरूर पूछा जाता है कि क्या वो राजा भैया को जानता है?

प्रतापगढ़ जिले के भदरी रियासत में 31 अक्टूबर 1967 को एक लड़के का जन्म हुआ,  जिसका नाम था तूफान सिंह जो  समय के साथ राजा भैया बन गया। राजा भैया के दादा राजा बजरंग बहादुर सिंह स्वतंत्रता सेनानी और हिमाचल प्रदेश के लेफ्टिनेंट गवर्नर थे. इन्होंने राजा भैया के पिता उदय प्रताप सिंह को गोद लिया था.

कहा जाता है कि राजा भैया के महल के अंदर इनकी गाड़ी नहीं जाती. उसे खींचकर लाया जाता है. स्टार्ट भी बाहर ही की जाती है गाड़ी. इसका जवाब ये दिया जाता है कि पर्यावरण को नुकसान न हो, इसलिए ऐसा किया जाता है. ये भी कहा जाता है कि पिताजी दून स्कूल में पढ़े थे पर उनका मानना था कि पढ़ाई करने से राजा भैया बुजदिल हो जाएंगे. इसलिए उस लेवल की पढ़ाई नहीं कराई गई. राजा भैया ने इलाहाबाद से पढ़ाई की. फिर लखनऊ से लॉ किया. घुड़सवारी और निशानेबाजी के शौकीन हैं. कुंडा में महल है इनका. एक वक्त था कि कई सौ एकड़ में फैली रियासत में आलीशान हाथी घोड़े बंधे रहते थे.

 

राजा भैया के बारे में बरसों से तरह-तरह की कहानियाँ बुनी जाती रही हैं जिनमें वो किसी सिनेमाई विलेन की तरह लगते हैं, राजा भैया की बेंती कोठी के पीछे 600 एकड़ के तालाब से कई तरह के किस्से जुड़े हैं. यहां के लोगों का कहना है कि राजा भैया ने इस तालाब में घड़ियाल पाल रखे थे. वे अपने दुश्मनों को मारकर उसमें फेंक देते थे. हालांकि, राजा भैया इसे लोगों का वहम बताते हैं. 2003 में मायावती सरकार ने भदरी में उनके पिता के महल और उनकी कोठी पर छापा मरवाया था.

 

तालाब की खुदाई में एक नरकंकाल मिला था. बताया जाता है कि वह कंकाल कुंडा क्षेत्र के ही नरसिंहगढ़ गांव के संतोष मिश्र का था. संतोष का कसूर ये था कि उसका स्कूटर राजा भैया की जीप से टकरा गया था और कथित तौर पर उनके लोग उसे उठाकर ले गए और इतना मारा कि वह मर गया. बाद में उसके शव को बेंती तालाब के पास दफना दिया गया.

 

कुंडा के लोग कहते हैं कि 90 के दशक में कुंडा में गुंडई बहुत होती थी. हर कोई यहां बाहुबली बनना चाहता था. पर राजा भैया के आने के बाद लोगों के अंदर से ये तत्परता खत्म ही हो गई.

महज 24 साल की उम्र में अपना राजनीतिक सफ़र शुरू करने वाले राजा भैया ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना चुनाव जीता था. पिछली बार जब वे चुनाव लड़ रहे थे, तब उनके खिलाफ प्रचार करने मुख्यमंत्री कल्याण सिंह कुंडा पहुंचे. कल्याण सिंह ने वहां कहा था- ‘गुंडा विहीन कुंडा करौं, ध्वज उठाय दोउ हाथ.’ लेकिन बीजेपी उम्मीदवार राजा भैया से चुनाव हार या.

कुंडा को ‘गुंडामुक्त’ कराने का नारा देने वाले कल्याण सिंह ने बाद में राजा भैया को अपने ही मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया. मायावती ने जब कल्याण सरकार से समर्थन वापस लिया था, उस समय राजा भैया ने सरकार बचाने में कल्याण की बहुत मदद की थी. बाद में मायावती की सरकार बनी. उन्होंने अपने शासनकाल में राजा भैया पर पोटा कानून के तहत केस दर्ज करके जेल भेज दिया.

साल 2012 में सपा की सरकार बनने के बाद उन्हें एक बार फिर मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया. लेकिन प्रतापगढ़ के कुंडा में डिप्टी एसपी जिया उल-हक की हत्या के सिलसिले में नाम आने के बाद रघुराज प्रताप सिंह को अखिलेश मंत्रिमंडल से इस्तीफा देना पड़ा. सीबीआई जांच के दौरान कथित क्लिनचिट मिलने के बाद उनको आठ महीने बाद फिर से मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया.

47 वर्षीय, राजा भैया कुंडा से लगातार छठी बार विधायक बनने के लिए चुनाव मैदान में हैं, जब राजा भैया रैली के लिए पहुँचते हैं, तो उनके स्वागत में आतिशबाज़ी होती है, स्थानीय नेता उन्हें गुलाब और गेंदे की माला पहनाते हैं, समर्थक लकड़ी की आरी लहराते हैं, जो उनका चुनाव निशान है.

वो अपने समर्थकों से कहते हैं, “बिजली-पानी-सड़क तो कोई भी ला देगा, मैं केवल आपके विकास के लिए काम नहीं करुंगा.”

वो कहते हैं, “मैं आपकी दूसरी समस्याएँ भी दूर करूँगा. मैं आपके ज़मीन के झगड़े निपटाउँगा ताकि आप मुक़दमों में अपने पैसे न लुटा डालें. मैं आपके घर के झगड़े भी सुलझा दूँगा, सास-बहू से लेकर मियाँ-बीवी के झगड़े तक.”

अपने समर्थकों के लिए वे ग़रीबों के मसीहा हैं, गाँव वालों के लिए उनके शब्द ही क़ानून हैं, उनकी साप्ताहिक अदालतों में भारी भीड़ जुटती है. ये ऐसे ही वोटरों की निष्ठा है जिससे राजा भैया अपराजेय बने हुए हैं.

About विभव शुक्ला

Young Journalist from Delhi. Core team membar of Khabar On Demand

Check Also

रिलायंस जियो का ‘दिवाली गिफ्ट’, कल से बदल जाएंगे सारे प्लान!

नई दिल्ली: रिलायंस जियो ने देश के लोगों को दिवाली गिफ्ट दिया है. क्योंकि अब …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *