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इस मंदिर में वॉट्सऐप के जरिए अर्जियां सुनते हैं हनुमान जी

भोपाल। इस युग में भी लोग ईश्वर को उतना ही मानते हैं, जितना पहले मानते थे। लोगों का मानना भी होता है कि ईश्वर तक उसकी बात पहुंचे, तो वो उनकी मदद जरूर करता है। ऐसे में इस हाईटेक युग में भगवान भी इंटरनेट के जरिए लोगों की अर्जियां सुननी शुरू कर दी है, तभी तो हनुमान जी की ये मूर्ति वॉट्सऐप पर अर्जियां सुना देने भर से लोगों की मदद कर देते हैं।

जी हां, आपने बिल्कुल सही पढ़ा। आप विश्वास करें या न करें पर भोपाल में आस्था का एक ऐसा केंद्र भी है, जहां कुछ लोग नहीं आ पाते, लेकिन उनकी मनोकामना जरूर पूरी हो जाती है। नेहरू नगर में अर्जीवाले हनुमानजी के नाम से प्रसिद्ध है यह मंदिर। कई बच्चे जो पढ़ाई-लिखाई के लिए बड़े शहरों में चले गए हैं, लेकिन उनकी आस्था आज भी अर्जीवाले हनुमानजी में है। इसके अलावा कई लोग जो बाहर नौकरी कर रहे हैं वे भी इस मंदिर तक नहीं पहुंच पाते, लेकिन वे हनुमानजी तक अपनी मनोकामना पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेते हैं।

स्थानीय लोग बताते हैं कि पहले इस मंदिर में चिट्ठी और पत्रों के जरिए भगवान के चरणों में मुराद के लिए अर्जी लगाई जाती थी। अब आधुनिक दौर में लोगों की श्रद्धा भी सोशल मीडिया पर उमड़ पड़ी है। समय बचाते हुए यह लोग अपने सगे-संबंधियों के जरिए या सोशल मीडिया और वाट्सएप के अर्जी मैसेज कर देते हैं। उनके रिश्तेदार या मंदिर के पुजारी वह मैसेज भगवान की मूर्ति के समक्ष पढ़ देते हैं।

नेहरू नगर स्थित अर्जी वाले हनुमान मंदिर के पुजारी पं. नरेन्द्र दीक्षित बताते हैं कि यहां वर्षों से लोग अपनी मन्नत के लिए दरबार में अर्जी लगाने आ रहे हैं। इनमें से कई भोपाल से बाहर रहने चले गए हैं। कोई बेंगलूरु, पुणे, मुंबई तो कोई दिल्ली, हिमाचल, पंजाब में बस गया है। लेकिन, भावनाओं के साथ वे इस मंदिर के साथ आज भी जुड़े हुए हैं। आप भी यदि पूरी श्रद्धा के साथ हनुमानजी से प्रार्थना करेंगे तो आपकी भी मनोकामना पूरी हो जाएंगी।

About Anchal Shukla

Young journalist from New Delhi. कराटे में ब्लैकबेल्ट चैंपियन। भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी की प्रशिक्षु नृत्यांगना। लचीली पर बेहद मजबूत। राजनीति से लेकर खेलों(हर तरह के खेल), मनोरंजन(हर इंडस्ट्री की खबरें), व्यापार, अंतर्राष्ट्रीय खबरें(व्यापार, तनाव, युद्ध) के साथ ही साहित्य में भी रूचि। सबकुछ समेटे और समाज की बुराइयों से लड़ने की ताकत रखने वाली मजबूत कलमकार बनने की कोशिश...

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