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सहायक प्रथा का खात्मा! SO ने पुत्र के बर्थडे के लिए मांगी छुट्टी, आगरा SSP ने भेजा बुके और केक

रिपोर्टर-सागर शुक्ला

आगरा (सागर शुक्ला) : एक तरफ आए दिन सहायक प्रथा के खिलाफ आवाज उठ रही है। खासकर पुलिस और फोर्स में कार्यरत जवान अपने शीर्ष अधिकारियों पर यातनाएं देने का आरोप लगा रहे हैं। कुछ मामले सही भी साबित होते हैं लेकिन आगरा के एसएसपी अमित पाठक ने ‘सहायक प्रथा’ को खत्म करने की शुरुआत कर दी है।

अक्सर ऐसा देखने को मिलता है कि शीर्ष अधिकारी अपने कनिष्ठों से उतनी ही बात करते हैं जितने की जरूरत हो। बात भी सिर्फ ड्यूटी से जुड़ी यानि कनिष्ठों के निजी मामलों से शीर्ष अधिकारी मतलब नहीं रखते। लेकिन आगरा के SSP अमित पाठक ने इस मिथक को तोड़ डाला है।

दरअसल, आगरा में एक थाने के थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर हरीपर्वत महेश गौतम को बेटे का जन्मदिन था। उन्होंने एसएसपी अमित पाठक से हिचकिचाते हुए 18 घंटे की छुट्टी देने के लिए व्हाट्सएप पर मैसेज भेजा। थोड़ी देर बाद एसएसपी का उत्तर आया “Yes! Happy Birthday”।

आगरा के एसएसपी अमित पाठक

चूंकि, छुट्टी एसएसपी ही दे सकते थे ऐसे में इंस्पेक्टर हरीपर्वत महेश गौतम खुशी-खुशी अनुमति लेने कार्यालय पहुंचे। तो एसएसपी के पास बैठे मीडियाकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने उनके बेटे के लिए जन्मदिन की शुभकामनाएं दी और बताया कि सर ने सभी को मेरे बेटे का आज जन्मदिन होने के बारे में बताया है।

एसएसपी अमित पाठक द्वारा भेजा गया बुके और बर्थडे केक

इतने में एसएसपी अमित पाठक भी वहां आ पहुंचे और इंस्पेक्टर गौतम को देखते ही बोले की अरे यहां क्यों आये? मैने परमीशन कर तो दी थी। इससे पहले इंस्पेक्टर गौतम कुछ बोलते एसएसपी पाठक ने सवाल किया कब जाओगे? कहां जाओगे? जवाब में इंस्पेक्टर गौतम ने बताया कि उन्हें मथुरा जाना है और शाम पांच बजे जाना है।

बात यही पर खत्म नहीं हुई थी। इंस्पेक्टर गौतम के लिए सरप्राइज तो उनके थाने में इंतजार कर रहा था। जब वह थाने पहुंचे तो वह पाते हैं कि एक शख्स केक और बुके लिए खड़ा था। पूछने पर बताया एसएसपी सर ने आपके बेटे के लिए भेजा है।

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