Thursday , January 24 2019
Home / क्राइम / ‘न्याय’ के बदले जेल भेजे गए SI शैलेंद्र सिंह के परिवार का बुरा हाल, वकीलों का केस लड़ने इनकार!

‘न्याय’ के बदले जेल भेजे गए SI शैलेंद्र सिंह के परिवार का बुरा हाल, वकीलों का केस लड़ने इनकार!

ए. के. शुक्ला (क्राइम एडिटर)

 नई दिल्ली (ए. के. शुक्ला):  आमिर अजमल कसाब, याकूब मेनन जैसे आतंकियों की मदद के लिए कुछ अधिवक्ता रात्रि में दो बजे सुप्रीम कोर्ट खुलवाकर सुनवाई करवाते हैं हालांकि, कुछ अच्छे अधिवक्ता उनकी मंशा कामयाब नहीं होने देते और इन्हें फांसी चढ़वा ही देते हैं। लेकिन सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह के मामले को लेकर सभी वकील जैसे ‘शक्ति विहीन’ हो जाते हैं।

तमाम तरह के संगठन जैसे कि मानवाधिकार आयोग आदि भी मानव अधिकारों को लेकर हल्ला बोलते रहते हैं और जहां कार्रवाई की जरूरत नहीं पड़ती वहां भी कार्रवाई करने के लिए आगे आ जाते हैं। लेकिन यूपी पुलिस के सब इंस्पेक्टर शैलेंद्र सिंह के मामले के सामने आते ही कोई भी अधिवक्ता उनका केस नहीं लड़ना चाहता। शैलेंद्र की गलती सिर्फ इतनी थी कि उन्होंने आत्मरक्षा में एक अधिवक्ता को गोली मार दी थी।

मामले पर एक नजर

उत्तर प्रदेश पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह की जो लगभग विगत 3 साल से जेल में हैं। शैलेंद्र सिंह का नाम उस समय चर्चा में आया था जब उन्होंने इलाहाबाद की जिला अदालत में नबी अहमद नाम के एक वकील को गोली मार दी थी। ये वो समय था जब न सिर्फ इलाहाबाद के बल्कि पूरे भारत के वकील सड़कों पर आ गए थे।

दिल्ली  तक एक स्वर में शैलेन्द्र सिंह को फांसी की मांग की गयी थी और कई वकीलों ने शैलेन्द्र सिंह का केस न लड़ने तक का फरमान सूना दिया था। दहशत कुछ यूं बन गयी थी की खुद शैलेन्द्र सिंह की रिश्तेदारी में पड़ने वाले वकीलों ने भी नबी के समर्थन वाली लॉबी के आगे घुटने तक दिए थे और केस लड़ने से मना कर दिया था।

मनमाफिक रिपोर्ट न लगाने की वजह से अधिवक्ता ने किया था विरोध

घटना का वीडियो जब सामने आया तो उसमें शैलेन्द्र सिंह को कई वकीलों से अकेले जूझते देखा गया और उसमे नबी अहमद नाम के वकील की आवाज साफ़ तेज तेज सुनाई दे रही थी। शैलेन्द्र सिंह के परिवार की मानी जाए तो किसी मुकदमे में नबी अहमद के मनमाफिक रिपोर्ट न लगाने के चलते नबी अहमद ने शैलेन्द्र सिंह को कचेहरी बुलाने का पूरा ताना बना बुना था और जैसे ही शैलेन्द्र सिंह कचेहरी पहुंचे उन पर हमला बोल दिया गया जिसके बाद ये दुर्घटना घटी।

शैलेन्द्र सिंह को उनकी जान के खतरे को देखते हुए इलाहाबाद से बहुत दूर रायबरेली जेल में रखा गया। उनका साथ देने जो भी सामने आया उसको अदालत परिसर में बेइज्ज्ज़त किया गया जिसमे IG अमिताभ ठाकुर की धर्मपत्नी नूतन ठाकुर तक शामिल हैं।

परिवार की हालत दयनीय

सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह के परिवार के हालात देखें तो अब बेहद दयनीय हालात में पहुंच गया है। उनकी दो बेटियां कभी अपने पिता से मिलने जब जेल में जाती हैं तो वो पुलिस अधिकारी चाह कर भी इसलिए नहीं रो पाता क्योकि उसको पता है की उसके बाद उसकी बेटियां रोयेंगी तब उन्हें बाहर कोई चुप भी करवाने वाला नहीं है।

घटना के समय सब इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह इलाहाबाद के शंकरगढ़ थाने के अंतर्गत आने वाली नारीबारी पुलिस चौकी के प्रभारी थे। शैलेन्द्र सिंह के माता पिता की मृत्य हो चुकी है और उनका एक भाई विक्षिप्त हो गया है। उनकी पैरवी करने के लिए मात्र उनकी पत्नी ही दौड़-भाग करती रहती हैं। इस प्रकार कभी अपने जिले के सबसे जांबाज़ और तेज तर्रार पुलिस सब इंस्पेक्टरों में से गिना जाने वाला शैलेन्द्र सिंह का पूरा परिवार अब बेहद ही डांवाडोल हालत में है।

हालत इतने विषम हैं की उनकी पत्नी श्रीमती सपना सिंह को अपने तीन मासूम बच्चो के साथ अपने पिता के घर रहना पड़ रहा है जहाँ जैसे तैसे इस परिवार का गुजारा हो रहा है। हालात ये भी हैं की अब तीनो बच्चो की पढ़ाई आदि भी खतरे में पड़ती जा रही है क्योकि सब अपने पति का मुकदमा लड़ते लड़ते इस परिवार का सब कुछ बिक चुका है और यही हाल रहा तो कल खाने के लिए भी दिक्कत पैदा हो जायेगी।

यहाँ सवाल मानवाधिकार, समाज के ठेकोदारों और कुछ ‘विशेष किस्म’ के वकीलों से भी बनता है जो नक्सलियों, आतंकियों के लिए खड़े हो जाते हैं लेकिन शैलेंद्र सिंह जैसे पुलिस अधिकारियों के लिए नहीं।

 

About RITESH KUMAR

Check Also

पावन श्रीराम कथा, जन्माष्ट्मी पार्क, पंजाबी बाग में हुआ भव्य समापन हुआ

  श्री महालक्ष्मी चैरिटेबल ट्रस्ट, पंजाबी बाग नें दिल्ली में पहली बार श्रदेय आचार्य श्री …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *