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ठंड से ठिठुरी राजधानी, दर्ज हुआ अब तक का सबसे ठंडा दिन

राजधानी में इन दिनों लोग प्रदूषण के साथ जूझ रहे हैं। आए दिन हवा बद से बदतर होती जा रही है। हालांकि आज मौसम में थोड़ी ठंडक महसूस हुई पर बावजूद प्रदूषण ज्यों का त्यों बना हुआ है।

दिल्ली में मंगलवार को सुबह साढ़े आठ बजे तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जिसके साथ ही आज का दिन इस मौसम का अब तक का सबसे ठंडा दिन बन गया।

 

मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया, कि सुबह साढ़े आठ बजे न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से एक डिग्री कम है। यह इस मौसम का अब तक का सबसे कम तापमान है।’’ आद्रर्ता का स्तर 97 फीसदी दर्ज किया गया।

मौसम विज्ञानिकों ने आसमान साफ रहने का अनुमान जताया है हालांकि दोपहर या शाम तक आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। बुधवार की सुबह धुंध छाई रह सकती है। अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के इर्दगिर्द बना रह सकता है। सोमवार को अधिकतम तापमान 28.1 डिग्री जबकि न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।

 

बताे दें कि दिल्ली और एनसीआर के शहरों में सोमवार को भी वायु प्रदूषण से हालात खराब रहे। सुबह के वक्त हवा में छाई सफेद धुंध से मॉर्निंग वॉक करने वालों को परेशानी हुई। हवा में फैली धूल की वजह से बच्चों और बुजुर्गों की आंखों में खुजली तक हुई।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) स्तर 328 रहा, जो कि ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। पड़ोसी शहर गाजियाबाद का स्तर 385, नोएडा का स्तर 368 व ग्रेटर नोएडा का स्तर 346 रहा। फरीदाबाद का स्तर 288 और गुरुग्राम का स्तर 203 रहा, जो कि ‘खराब’ श्रेणी में आता है।

केंद्र द्वारा संचालित वायु गुणवत्ता एवं मौसम पूर्वानुमान प्रणाली (सफर) ने कहा कि दिल्ली में हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ है। मौजूदा समय में दिल्ली के बाहर से आने वाले प्रदूषक तत्वों का प्रभाव नगण्य है। यह ठीक वक्त है, जब दिल्ली के प्रदूषण स्तर पर स्थानीय उत्सर्जनों के प्रभावों का पता लगाया जा सके।

स्थानीय उत्सर्जनों में वाहनों, निर्माण गतिविधियों, कूड़ा जलाने समेत अन्य कारणों से पैदा होने वाले प्रदूषक तत्व शामिल हैं। इससे पहले अधिकारियों ने कहा था कि दिल्ली में 40 प्रतिशत वायु प्रदूषण वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जनों के कारण है। सीपीसीबी के मुताबिक दिल्ली के 19 इलाकों में एक्यूआई ‘बहुत खराब’ श्रेणी में थी, जबकि 6 इलाकों में यह ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। वहीं हवा में अतिसूक्ष्म कणों पीएम 2.5 का स्तर 174 और पीएम 10 का स्तर 358 दर्ज किया गया।

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