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UP police refund labour's yearly income
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ईमानदारी का दुसरा नाम खाकी, जाने क्यों…..

नई दिल्ली- खाकी का नाम आते ही जेहन मे बेईमान और डर की तस्वीर उभर जाती है, खासतौर पर यूपी की पुलिस को लेकर आम लोगो की धारणा बहुत अच्छी नहीं है, मगर बस्ती पुलिस ने एक ऐसा काम कर दिखाया है जिसकी सराहना चारो ओर हो रही है, बस्ती पुलिस ने ईमानदारी की मिसाल पेश करते हुऐ एक मजदूर को उसकी साल भर की कमाई उसे वापस दिलाया हैं, आपको बता दे ट्रेन के सामान्य श्रेणी में मुंबई से कमाकर वापस लौट रहे एक मजदूर का बैग ट्रेन में ही छूट गया पर 9 स्टेशन के बाद बस्ती की रेलवे पुलिस ने उस बैग को बरामद किया। जिसमें मजदूर के लाखो रुपया थे, इसके बाद पुलिस की टीम ने उस मजदूर को उसका बैग वापस कर दिया जिससे उस मजदूर चेहरे की खुशी चार गुना बढ़ गई और उस मजदूर ने बस्ती पुलिस बहुत धन्यवाद दिया.

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बस्ती पुलिस ने ईमानदारी की मिसाल पेश की, बांद्रा एक्सप्रेस में कांस्टेबल मानसिंह और कॉन्स्टेबल शेर बहादुर प्रजापति को लावारिस बैग मिला जिसे निरीक्षक नरेन्द्र यादव ने चेक किया तो उसमें कुल 1,10,500 रुपया नगद मिला औऱ अन्य कीमती सामान भी मिले, साथ ही एक आधार कार्ड और पेन कार्ड मिला जिस पर साकिर अली पुत्र अब्बास अली निवासी परसा गोडरी थाना कर्नलगंज जिला गोण्डा अंकित था, जिसके बाद गोण्डा RPF से सम्पर्क से पता चला कि उक्त व्यक्ति गोण्डा में RPF से सहयोग मांगने और बैग खोने की शिकायत करने आया हुआ है l साकिर अली और उसके परिजन के बस्ती आने पर पूछताछ कि गई तब उन्होंनें पूछताछ पर बताया की वह मुम्बई में मजदूरी करता है और साल भर की कमाई कर के घर लौट रहा था, जल्दी बाजी में उसका बैग ट्रेन में छूट गया था, पूछताछ के बाद साकिर को नगद और सारा सामान वापस कर दिया गया ,जिसके बाद  साकिर और उसके परिजनों ने बार बार RPF को धन्यवाद दिया और दुआएं दी ।

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