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the workshop organised in Deen Dayal Upadhayaya College in associattion with zyego

दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज में ‘विश्वसनीय सलाहकार के रूप में शिक्षक’ विषय पर वर्कशॉप का हुआ आयोजन

नई दिल्ली: दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज की सलाह और परामर्श समिति ने फैकल्टी और टीचरों के लिए “विश्वसनीय सलाहकार के रूप में शिक्षक” विषय पर सलाहकार कार्यशाला का आयोजन किया।

यह कार्यशाला यूजीसी की तर्ज पर छात्रों को उपयोगी सलाह देने की शिक्षकों की भूमिकाओं ओर जिम्मेदारियों के संदर्भ में आयोजित की गई।

यह इंटरएक्टिव सेशन 100 से ज्यादा फैकल्टी मेंबर्स के लिए आयोजित किया गया, जिसमें ज़ायगो की टीम ने सलाह की जरूरत, सलाह देने वाले शिक्षक और सलाह लेने वाले छात्र का संबंध, अच्छे सलाहकार की विशेषताएं और सलाहकार की संवेदनशीलता जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। यह कार्यक्रम ज़ायगो के साथ साझेदारी में आयोजित किया गया।

ज़ायगो एक हेल्थ टेक स्टार्टअप है, जो भावनात्मक बेहतरी और मनोवैज्ञानिक सलाह देने के विषय में शैक्षिक संस्थाओं के साथ मिलकर काम कर रहा थी।

दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज में मेंटरिंग एंड काउंसलिंग कमिटी के संयोजक डॉ. अनुभा मुखर्जी सेन के शब्दों में इंडक्शन (नए टीचरों का परिचय कराने) और सलाह देने की प्रकृति समय के साथ विकसित हुई है। उदाहरण के लिए टीचरों को उनकी नई भूमिका में हर तरह का सपोर्ट मुहैया कराने के लिहाज से एक अस्थायी पुल के तौर पर इंडक्शन को सबसे पहले अपनाया गया था, जबकि नए टीचरों की मदद के लिए उन्हें एक दोस्त मुहैया कराने के लिए परामर्श समिति का गठन किया गया, पर आजकल इस समिति की कार्यप्रणाली प्रफेशनल्स की जरूरत के अनुसार टीचरों का ज्ञान बढ़ाने, उनके कौशल का विकास करने और शिक्षण में नई-नई प्रणालियां विकसित करने के इर्द-गिर्द घूमती है।

ज़ायगो के संस्थापक अरिंदम सेन ने कहा, “आधुनिक शिक्षा प्रणाली में एक शिक्षक, मार्गदर्शक और गाइड के तौर पर टीचर की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है। आजकल बच्चे सीखने के लिए केवल पाठ्यपुस्तकों पर निर्भर नहीं है। पढ़ाई आजकल किताबों से आगे निकल गई है और पढ़ाई को संपूर्ण बनाने के लिए व्यक्ति की सामाजिक और भावनात्मक जरूरतों और जिंदगी के कौशल को शैक्षिक प्रक्रिया में शामिल करना जरूरी है। ईक्यू (भावनात्मक स्तर) भी आईक्यू की तरह ही महत्वपूर्ण है।

ज़ायगो के बारे में

एएलएस वेलनेस नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने बिना किसी खास प्रयास के और बहुत आसानी से मानव स्पर्श की शक्ति का तकनीक के साथ तालमेल किया है, जिससे भावनात्मक और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों से बात कर उनकी समस्याओं का समाधान कर सके और उनके साथ संवेदना जताई जा सके। यह मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में अपनी तरह की इकलौती कंपनी है, जो अपने डोमेन की विशेषज्ञता को तकनीक से मिश्रित करती है, जिससे देश भर में मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रहे लोगों की मदद की जा सके। डोमेन एक्सपटर्स और मनोवैज्ञानिकों के समूह के रूप में कंपनी ने जायगो ऐप लॉन्च किया है, जिससे केवल एक क्लिक से अपनी पहचान जाहिर किए बिना सेवाएं हासिल कर सकते हैं।

यह भारत का इकलौता ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो वर्कशॉप, व्यक्तिगत ऐप पर आधारित काउंसलिंग, साइकोमीट्रिक टेस्टिंग और असेसेमेंट्स सभी एक छत के नीचे उपलब्ध कराता है। यह ऐप ज़ायगो उसी तरह काम करता है, जैसा वट्सऐप काम करता है। यूजर अपनी वास्तविक जरूरतों के समय हमारे मनोवैज्ञानिकों से भारत में कहीं से भी कॉल या चैट कर सकते हैं। यूजर गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर से इस ऐप को डाउनलोड कर सकते हैं।

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