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ये ‘वानी’ बना देश का हीरो: राजनाथ से की मुलाकात

जम्मू-कश्मीर के नबील अहमद वानी ने बॉर्डर सिक्युरिटी फोर्स (बीएसएफ) के असिस्टेंट कमांडेंट के एग्जाम को टॉप किया है। वानी ने यहां होम मिनिस्टर राजनाथ सिंंह से मुलाकात की। घाटी में जारी हिंसा पर वानी ने कहा- “जम्मू-कश्मीर में जो कुछ हो रहा है, वो सही नहीं है, इसको रोकना है। वर्दी पहनने के बाद मैं स्टेट का नहीं, बल्कि देश का हो जाऊंगा।” उधर, राजनाथ ने कहा- “वानी की यह सक्सेस स्टोरी स्टेट के यूथ को इन्सपायर करेगी।” बता दें कि आतंकी बुरहान वानी के मारे जाने के बाद करीब दो महीने से कश्मीर में हिंसा जारी है। कौन है नबील अहमद वानी…
– नबील अहमद वानी कश्मीर के उधमपुर के रहने वाले हैं।
– वानी की पढ़ाई घाटी के सरकारी स्कूल में हुई। फिर स्कॉलरशिप पाकर पंजाब से इंजीनियरिंग की। वहां भी टॉप किया।
– कॉलेज के बाद वो डिफेंस फोर्सेस में जाने की तैयारी करने लगे। तभी पिता की मौत की वजह से मां और बहन की जिम्मेदारी उन पर आ गई।
– उन्होंने नौकरी करने का फैसला किया और उधमपुर में ही वाटर डिपार्टमेंट में बतौर जूनियर इंजीनियर काम करने लगे।
– बहन की इंजीनियरिंग की फीस से लेकर घर का सारा जिम्मा खुद संभाला। लेकिन फोर्स ज्वाइन करने का सपना जिंदा रखा।
तुषार से इंस्पायर हुए नबील
– नबील कहते हैं- “तुषार महाजन के घर के पास ही रहता हूं। जब वो शहीद हुए तो मुझे लगा इससे बड़ा (देश के लिए शहीद होने का) सम्मान और कोई नहीं हो सकता। मैं दोबारा इस एग्जाम की तैयारी में जुट गया।”
– बता दें कि सेना के कैप्टन तुषार महाजन पिछले महीने आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हो गए थे।

नबील ने 2013 में भी असिस्टेंट कमांडेंट का एग्जाम दिया था। लेकिन आठ नंबर कम होने से उसका सिलेक्शन नहीं हो पाया था।

राजनाथ ने दी शाबासी
– होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने रविवार को दिल्ली में नबील अहमद वानी से मुलाकात की।
– उन्होंने कहा- “मैं वानी से मिलकर बहुत खुश हैं। नबील की सक्सेस स्टोरी दिखाती है कि जम्मू-कश्मीर के यूथ से काफी उम्मीद है। उनकी इस अचीवमेंट से कई लोग इन्सपायर होंगे।”
नबील ने कहा था,वो भी वानी था और मैं भी वानी हूं,पर आप फर्क देख सकते हैं…
– नबील का कहना है कि, “आजकल सब बुरहान वानी (एनकाउंटर में मारा गया हिजबुल का आतंकी) की बात कर रहे हैं। वो भी वानी था और मैं भी वानी हूं। लेकिन आप फर्क देख सकते हैं।”
– ”मुझे लगता है कि हाथ में पत्थर उठाने से जॉब नहीं मिलेगी। पेन उठाने से मिलेगी। मेरी भी जिंदगी में मुश्किलें थीं, लेकिन मैंने तो बंदूक नहीं उठाई। बेरोजगारी खत्म होगी तो मुश्किलें भी कम होंगी।”
– नबील का कहना है कि उन्होंने ठीक से कश्मीर नहीं घूमा है। कहते हैं कि परिवार के पास इतने पैसे ही नहीं थे कि घूमने का प्लान बनाते। पिता स्कूल टीचर थे। बच्चों की अच्छी पढ़ाई हो सके, इसलिए वो गांव का अपना घर छोड़ उधमपुर रहने आ गए। दो साल पहले पिता की मौत हो गई।
कौन था आतंकी बुरहान वानी?
– दक्षिण कश्मीर के त्राल का रहने वाला बुरहान 2010 में 15 साल की उम्र में आतंकी बना था। बुरहान अपने भाई के मारे जाने के बाद टेररिस्ट ग्रुप हिजबुल से जुड़ा था।

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