Thursday , September 21 2017
Home / स्पोर्ट्स / क्रिकेट / भारतीय कप्तान हुए दु:खी, बताए ये 5 कारण!

भारतीय कप्तान हुए दु:खी, बताए ये 5 कारण!

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू होने वाले टेस्ट सीरीज से पहले सबकुछ ठीकठाक था। भारतीय कप्तान विराट कोहली भी इस टेस्ट सीरीज को लेकर काफी उत्साहित थे। लेकिन जैसे जैसे ये टेस्ट सीरीज आगे बढती गई ऑस्ट्रेलिया के बर्ताव से विराट परेशान होते गये और आखिर अब उन्होने यह बोल ही दिया कि ऑस्ट्रेलिया को लेकर उनकी शुरूआती सोच बिल्कुल गलत थी। जिस ऑस्ट्रेलिया को शुरूआत में उन्होने दोस्त कहा था आज उसी को लेकर उनका विचार पूरी तरह से बदल गया है।

पुणे टेस्ट से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में विराट नें कही ये बातें:
मैदान के बाहर हम अच्छे दोस्त हैं। मैं उन लोगो को अच्छी तरह जानता हूं। लेकिन मुझे पता है कि कहां मुझे दोस्ती की रेखा खीचनी चाहिए। जरूरी नही कि मै उनके खिलाफ एक भाई की तरह खेलें।

विराट की सोच बदली, धर्मशाला टेस्ट के बाद दिया ये स्टेटमेंट:
हां, मेरी धारणा बदल चुकी है। मै पूरी तरह से गलत साबित हुआ। अब आप कभी मुझे ऐसा कहते नही सुनेंगे।

आइए जानें, विराट के ऐसा कहने के पीछे का कारण:

1. हालांकि ये तो हम सभी जानते हैं कि बैंग्लूरू टेस्ट में टीम इंडिया ने ऑट्रेलिया को 75 रनों से मात दी।लेकिन डीआरएस में दोनों कप्तानों की लडाई ने खिलाडियो का ध्यान लडाई के तरफ मोड दिया। विराट ने इस मुद्दे पर हुई तनातनी पर स्टीव की तरफ निशाना साधा और धोखेबाज कहा।

2. ऑस्ट्रेलियाई मीडिया और पूर्व खिलाडियो ने भारतीय कप्तान पर दबाव डालनें की कोशिश की।

3. इस जारी जुबारी की जंग में ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट के प्रमुख जेम्स सदरलैंड भी शामिल हो गये। उन्होने कहा कि विराट को सॉरी बोलना नही आता, मुझे नही सगता कि उन्हे सॉरी की स्पेलिंग भी आती होगी।

4. रांची में विराट के कंधे पर चोट लग गई थी जिसका ऑस्ट्रेलियाई खिलाडियो नें जमकर मजाक उडाया। ग्लेन ने तो उनके चोट की नकल भी उतारी।

5. धर्मशाला टेस्ट के पहले दिन विराट टीम के खिलाडियो के लिए एनर्जी ड्रिंक लेकर आए जिसपर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाडियो ने सवाल उठाए।

About Jaya Dwivedi

Check Also

ODI सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान, मनीष पांडे की वापसी, युवराज को जगह नहीं

नई दिल्ली: श्रीलंका के खिलाफ आगामी पांच वनडे मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टीम …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *