Thursday , February 22 2018
Home / लेटेस्ट न्यूज / कुछ यूं ढहा रॉबर्ट मुगाबे का किला, सेना के समर्थन से ही मिलेगा जिम्बाब्वे को अगला राष्ट्रपति!
Zimbabwe Problem, President Robert mugabe, Zimbabwe Army, Mugabe Era over
PC: kodmedia

कुछ यूं ढहा रॉबर्ट मुगाबे का किला, सेना के समर्थन से ही मिलेगा जिम्बाब्वे को अगला राष्ट्रपति!

अफ्रीकी देश जिम्बाब्वे के राष्ट्रपति रॉबर्ट मुगाबे का सेना ने तख्तापलट कर लिया है। उन्हें हरारे में नजरबंदी के तौर पर रखा गया है, तो राजधानी में सेना लगातार मार्च कर रही है। हालांकि सेना ने कहा है कि वो अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, पर असल में ये पूरा मामला जिम्बाब्वे की सत्ता से जुड़ा है। जिसपर से मुगाबे किसी भी हाल में अपनी पकड़ ढीली नहीं होने देना चाहते थे।

रॉबर्ट मुगाबे को जिम्बाब्वे के सबसे बड़े सेनानायक और क्रांतिकारी के तौर पर जाना जाता है। वो 93 साल के हो चुके हैं। उन्हें सत्ता में रहते हुए भी करीब 37 साल हो चुके हैं, पर वो अब भी सत्ता पर ही काबिज रहना चाहते हैं। इसके लिए उन्होंने अपनी तीसरी पत्नी को बतौर उत्तराधिकारी पेश करने की कोशिश की और उप राष्ट्रपति इमरसन मनंगावा को पद से हटा दिया था। पर अब यही कदम उनपर भारी पड़ गया है। उनका चौतरफा विरोध शुरू हो गया और सेना को आनन-फानन में सारी ताकत हाथ में लेनी पड़ी। जिम्बाब्वे की सेना ने बयान जारी कर रहा है कि वो सत्ता पर कब्जे की कोई नीयत नहीं रखती। वो शांतिपूर्ण तरीके से सत्ता का हस्तांतरण चाहती है। वहीं, इस पूरे विवाद के बावजूद रॉबर्ट मुगाबे झुकने को तैयार नहीं है।

भले ही इस पूरे विवाद को सत्ता परिवर्तन से जोड़कर देखा जा रहा हो, पर इसके पीछे की वजह बेहद बड़ी है। वो वजह है देश की बर्बाद अर्थव्यवस्था। यहां तक कि जिम्बाब्वे को साल 2008 में अपनी करेंसी तक छोड़नी पड़ी थी, क्योंकि उसके दाम बेहद नीचे आ गए थे। इसके बाद से ही देश की अर्थव्यवस्था बेहद नीचे जा रही थी।

इस पूरे संघर्ष को सत्ताधारी पार्टी जनू-पीएम पार्टी का आंतरिक संघर्ष मानकर भी देखा जा सकता है। जिसके मुताबिक सेना ने जब मुगाबे को नजरबंद किया, तो इसकी सबसे पहले घोषणा इसी पार्टी के लोगों मे की। खास बात ये है कि सेना की कार्रवाई में सिर्फ रॉबर्ट मुगाबे के करीबी लोग ही निशाने पर रहे। वहीं, सत्ताधारी पार्टी अब भी पूर्व उप राष्ट्रपति इमरसन मनंगावा को सत्ता में लाने की कोशिशें कर रही हैं।

गौरतलब है कि जिम्बाब्वे को साल 1980 में ही ब्रिटेन से आजादी मिली थी। तभी से रॉबर्ट मुगाबे एक मजबूत सेनानायक की तरह जिम्बाब्वे की सत्ता पर काबिज है। पर शायद बदलाव के समय को न महसूस कर पाने की वजह से उन्होंने देश को एक बड़े संकट में ढकेल दिया है।

About Team Web

Check Also

‪‪Punjab National Bank‬, ‪Nirav Modi‬, ‪Narendra Modi‬‬,Punjab National Bank‬, ‪Securities and Exchange Board of India‬, ‪Reserve Bank of India,pnb share price,Punjab National Bank‬, ‪Mukesh Ambani‬, ‪Dhirubhai Ambani‬‬

PNB को चूना लगाने वाले नीरव मोदी और उसके परिवार के भागने की ये है तारीखें!