Wednesday, April 8, 2026
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कमली: शब्दों में सजी संवेदनाएँ और कृति बघेल का काव्य संसार”

प्रेम, जीवन और मानवीय भावनाओं की गहराइयों को शब्दों में पिरोना आसान नहीं होता, लेकिन युवा लेखिका कृति बघेल ने अपने काव्य-संग्रह के माध्यम से इस कठिन कार्य को बेहद संवेदनशीलता और सहजता से संभव किया है। उनकी रचनाएँ केवल कविताएँ नहीं, बल्कि एक ऐसी आत्मीय यात्रा हैं, जो पाठक को भीतर तक छू जाती हैं।

कृति बघेल का यह काव्य संग्रह प्रेम के विभिन्न आयामों को उजागर करता है। इसमें कभी समंदर-सा अथाह प्रेम है, तो कभी सावन-सी भीगी अनुभूति। वहीं, कहीं पतझड़-सी खामोश उदासी है, तो कहीं बिछड़ने की कसक। उनकी कविताएँ जीवन की जटिलताओं, आत्ममंथन और भावनात्मक संघर्षों को बेहद सरल लेकिन प्रभावशाली ढंग से सामने लाती हैं।

इस संग्रह की विशेषता यह है कि यह केवल व्यक्तिगत भावनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के उन अनछुए पहलुओं को भी उजागर करता है, जिन पर अक्सर खुलकर बात नहीं होती। खासकर महिलाओं के जीवन, उनकी स्वतंत्रता, उनके संघर्ष और उनके सपनों को लेकर लिखी गई कविताएँ पाठक को सोचने पर मजबूर करती हैं। उनकी एक कविता में उठाया गया प्रश्न — “क्या इस दुनिया की सारी औरतें ऐसे ही मरती होंगी?” — समाज की कठोर सच्चाइयों को बेबाकी से सामने रखता है।

कृति बघेल का लेखन उनके विविध अनुभवों से समृद्ध हुआ है। पत्रकारिता में परास्नातक करने के बाद उन्होंने मीडिया और सरकारी संचार के क्षेत्र में सात वर्षों का अनुभव प्राप्त किया है। इंडिया टीवी और एबीपी न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से अपने करियर की शुरुआत करने के बाद, उन्होंने ( आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय) के अंतर्गत ‘स्वच्छ भारत मिशन’ में सोशल मीडिया मिशन मैनेजर के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर कार्य किया। इसके बाद डीडी न्यूज़ में कंटेंट मैनेजर के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने संचार और मीडिया प्रबंधन की गहरी समझ विकसित की। वर्तमान में वे पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Social Media ) में एसोसिएट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।

उनकी यही पेशेवर यात्रा और सामाजिक सरोकार उनकी कविताओं में साफ झलकते हैं। वे केवल एक लेखिका नहीं, बल्कि एक संवेदनशील विचारक भी हैं, जो अपने शब्दों के माध्यम से समाज के विभिन्न पहलुओं को सामने लाती हैं।

कृति बघेल की कविताएँ पाठक को केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि महसूस करने के लिए आमंत्रित करती हैं। यह पुस्तक एक आईना है, जिसमें हर पाठक कहीं न कहीं खुद को देख सकता है।

अंततः, यह काव्य-संग्रह सिर्फ शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि दिल से निकली उन भावनाओं का संसार है, जो हर संवेदनशील पाठक के मन में अपनी जगह बना लेता है।

किताब अमेजन और फ्लिपकार्ट दोनों पर उपलब्ध है।

लिंक – https://www.amazon.in/dp/9349988550


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